जमुई से पटना रेफर किए गए एक मरीज की जान इसलिए चली गई, क्योंकि जिस एंबुलेंस में उसे ले जाया जा रहा था, उसका तेल बीच रास्ते में ही खत्म हो गया। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही l
बिहार के जमुई जिले से एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमुई सदर अस्पताल से पटना रेफर किए गए एक गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस का तेल बीच रास्ते में ही खत्म हो गया। एंबुलेंस मुश्किल से 30 किलोमीटर भी नहीं चल पाई, तेल खत्म होने पर ड्राइवर ने गाड़ी वहीं रोक दी। समय पर पटना नहीं पहुंच पाने और समुचित इलाज नहीं मिलने की वजह से मरीज की जान चली गई। यह वाकया गुरुवार का है। जमुई जिले के झाझा प्रखंड स्थित बाबुबांक गांव के रहने वाले 70 वर्षीय धीरज रविदास की तबीयत बिगड़ने पर, उनके परिजन गुरुवार सुबह उन्हें लेकर झाझा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचे थे। स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें सदर अस्पताल जमुई रेफर किया गया। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने भी बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया।
परिजन बुजुर्ग को जमुई से एंबुलेंस में लेकर पटना के लिए रवाना हुए। सिकंदरा पहुंचते ही एंबुलेंस में तेल खत्म हो गया और ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी। इससे बुजुर्ग की रास्ते में ही जान चली गई।
मृतक के बेटे अजीत ने आरोप लगाया कि सिकंदरा में एंबुलेंस का तेल खत्म होने की बात कह ड्राइवर ने करीब ढाई घंटे गाड़ी को खड़ा रखा। इससे उनके पिता ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
जमुई से राजधानी पटना की दूरी लगभग 160 किलोमीटर है। एंबुलेंस मरीज को लेकर जमुई से रवाना हुई और सिकंदरा में ही उसका तेल खत्म हो गया। एंबुलेंस में इतना ही ते था कि वह मुश्किल से 30 किलोमीटर भी नहीं चल पाई। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुजुर्ग की मौत होने के बाद परिजन शव को लेकर झाझा अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। झाझा अस्पताल में अन्य लोगों के समझने-बुझाने पर परिजन शांत हुए और शव को लेकर वापस घर लौट गए। इस संबंध में एसीओ नीतीश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। सिकंदरा के समीप मौजूद भारत पेट्रोल पंप में तेल नहीं होने के कारण एंबुलेंस खड़ी हो गई थी। इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दी जाएगी ताकि आगे इस तरह की कोई घटना नहीं हो।
