September 26, 2026
BIHAR

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ग्रामीणों को दस्तावेज प्रस्तुत करने में आ रही परेशानियों को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विधायक ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और ग्रामीणों के लिए इसे सरल, सहज एवं व्यवहारिक बनाने की मांग की, ताकि पात्र मतदाता आसानी से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें। निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से बाहर न रखना और अपात्र लोगों को शामिल होने से रोकना है।

मैपिंग के बाद भी हजारों मतदाताओं को लेकर उठे सवाल

बैठक में विधायक ने पोटका प्रखंड में SIR के दौरान मैपिंग के बाद भी करीब 29 हजार मतदाताओं को विसंगति की सूची में शामिल किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र सहित अन्य छोटी-छोटी त्रुटियों को लेकर जारी नोटिस ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। झारखंड में SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को विभिन्न प्रकार की विसंगतियों के संबंध में नोटिस दिए जा रहे हैं।

गरीब और ग्रामीण परिवारों को दस्तावेज जुटाने में परेशानी

विधायक ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद मांगे जा रहे दस्तावेज जुटाने में विशेष रूप से गरीब, आदिवासी और मूलवासी परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण आवश्यक कागजात के लिए पंचायत से लेकर प्रखंड कार्यालय तक दौड़ लगा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं। विधायक ने कहा कि ऐसी स्थिति में वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया जाना चाहिए।

विधायक ने अधिकारियों से मांगा समाधान

बैठक के दौरान संजीव सरदार ने अधिकारियों से ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखने और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को व्यवहारिक बनाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में छोटी-मोटी त्रुटियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। SIR के आधिकारिक पोर्टल पर भी मतदाताओं को अपने पुराने SIR रिकॉर्ड की जांच और आवश्यक जानकारी खोजने की सुविधा दी गई है।

प्रक्रिया सरल हो, ताकि हर पात्र मतदाता आसानी से अपना दस्तावेज दे सके — विधायक

बैठक के बाद विधायक संजीव सरदार ने कहा कि “चुनाव आयोग को SIR की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोग बिना परेशानी के अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें और किसी भी पात्र मतदाता का नाम तकनीकी या दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण प्रभावित न हो।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैपिंग के बाद भी प्रक्रिया को जटिल बनाया जा रहा है, जिससे आदिवासी और ग्रामीण मतदाताओं के सामने परेशानी खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही पूरे मामले से मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल को अवगत कराएंगे, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराया जा सके और पात्र मतदाताओं को अपने नाम से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने में सहूलियत मिले।

यह अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में एडीएम मुकेश मछुआ, बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, सीओ निकिता बाला, पूर्व पार्षद चंद्रावती महतो समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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