बांग्लादेश में बुधवार शाम एक भीषण सड़क-जल हादसे में कम-से-कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचा ली। हादसा राजबाड़ी जिले के दाउलादिया टर्मिनल पर उस समय हुआ, जब यात्रियों से भरी एक बस को फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान चालक का नियंत्रण छूट गया और बस सीधे पद्मा नदी में जा गिरी।
बताया गया है कि बस में करीब 40 यात्री सवार थे। इनमें अधिकांश लोग ईद की छुट्टियां बिताने के बाद राजबाड़ी से ढाका लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस जैसे ही फेरी पर चढ़ रही थी, चालक संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते बस फिसलकर नदी में जा गिरी। कई यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोग किसी तरह खिड़कियों या दरवाजों से निकलकर बाहर आए, जबकि कई यात्री बस के भीतर ही फंस गए।
रेस्क्यू टीम ने ‘हमजा’ नामक जहाज की मदद से करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद आधी रात में बस को नदी से बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, बस के अंदर से 21 शव बरामद किए गए, जबकि इससे पहले गोताखोरों ने दो महिलाओं के शव बाहर निकाले थे। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई।
फायर सर्विस, कोस्टगार्ड, सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। गोताखोर देर रात तक लापता यात्रियों की तलाश में जुटे रहे। आशंका जताई जा रही है कि कुछ और लोग भी बस में फंसे हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बस ढाका जा रही थी। इसमें सवार कई यात्री ईद की छुट्टियों के बाद अपने कामकाज और पढ़ाई के लिए राजधानी लौट रहे थे। इनमें बच्चे और परिवार के कई सदस्य भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ यात्री बस के बाहर या दरवाजे के पास होने के कारण बच गए, लेकिन उनके परिजन अंदर ही फंसे रह गए।
बांग्लादेश में कई क्षेत्रों में बसों और अन्य वाहनों को नदी पार कराने के लिए फेरी सेवा का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक बड़ी नाव या जहाज की तरह होती है, जिस पर बसें, ट्रक और अन्य वाहन चढ़ाए जाते हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान लापरवाही या नियंत्रण खोने की वजह से यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही राहत कार्य की निगरानी तेज कर दी गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।
