June 5, 2026
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बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों और उनके मददगारों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. ताजा मामला राजधानी पटना से सटे फुलवारीशरीफ प्रखंड का है, जहाँ गुरुवार को निगरानी की मुख्यालय टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. टीम ने मैनपुरन्दा पंचायत के राजस्व कर्मचारी श्री राणा रणविजय गोपाल को 35,000 रुपये और उनके दलाल गुड्डू कुमार को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. दोनों की गिरफ्तारी फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र स्थित मैनपुरन्दा पंचायत भवन से हुई है. जानकारी के अनुसार, विक्रम थाना क्षेत्र के गोरखरी गांव निवासी परिवादी श्री प्रवीण कुमार सुमन ने निगरानी ब्यूरो के पटना कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. परिवादी ने आरोप लगाया था कि उनके प्लॉट से महज 100 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क पर चार घरों द्वारा अवैध अतिक्रमण किया गया है. इस अवैध अतिक्रमण को हटाने से संबंधित सरकारी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजने के एवज में राजस्व कर्मचारी राणा रणविजय गोपाल और उनके दलाल गुड्डू कुमार द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी. निगरानी ब्यूरो को जब यह शिकायत मिली, तो गुप्त रूप से मामले का भौतिक सत्यापन कराया गया. सत्यापन के दौरान आरोपी कर्मचारी और दलाल द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पूरी तरह सही पाया गया. मामला दर्ज होने के बाद ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती रिशिता स्नेह के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया.

गुरुवार को जैसे ही परिवादी ने केमिकल लगे रुपये मैनपुरन्दा पंचायत भवन में आरोपी कर्मचारी और दलाल को सौंपे, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी डीएसपी रिशिता स्नेह की टीम ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया. निगरानी टीम ने मौके से रिश्वत के कुल 45,000 रुपये भी बरामद कर लिए हैं. अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पटना स्थित मुख्यालय लाया गया है, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. अभियुक्तों से गहन पूछताछ के उपरांत उन्हें माननीय विशेष न्यायालय, पटना के समक्ष पेश किया जाएगा. निगरानी की इस औचक और बड़ी कार्रवाई से फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय और राजस्व कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है.

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