बिहटा से एक संवेदनशील और सराहनीय खबर सामने आई है। नेउरा थाना पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर एक नाबालिग युवती की जबरन कराई जा रही शादी को रुकवा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना क्षेत्र तिल-बिक्रमपुर गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी जबरदस्ती कराई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर छापेमारी की और शादी की तैयारियों को तुरंत रुकवा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ एक बच्ची का भविष्य सुरक्षित हुआ, बल्कि बाल विवाह जैसे सामाजिक कुप्रथा पर भी सख्त संदेश गया। मौके पर मौजूद स्वजनों को कानून की जानकारी दी गई और चेतावनी भी दी गई कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसडीएम दानापुर को किसी अज्ञात वयक्ति के द्वारा फोन पर गुप्त सूचना दिया गया की तिल बिक्रमपुर गांव मे एक नाबालिग की शादी परिजन के द्वारा जबरन करवाई जा रही है। सूचना के बाद एसडीएम दानापुर के दिशा निर्देश पर बिशेष टीम गठित किया। तत्पश्चात थाना क्षेत्र के तिल-बिक्रमपुर मे नेउरा थानाध्यक्ष जगदीप राणा, बीडीओ शिवजन्म राम, प्रखंड सीडीपीओ सबनम दानापुरी ने पंहुच मामले की छानबीन करते हुए शादी समारोह पर रोक लगा दिया। वहीं अधिकारिओ ने नियम के तहत छह माह बाद नाबालिग की शादी करवाने का आदेश दिया। बताया जाता है कि 7 मई को नाबालिग की शादी फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव में होनी थी। वहीं प्रशासन ने लड़की की उम्र 17 वर्ष 6 माह बताते हुए शादी कार्यक्रम पर रोक लगा दिया है। वहीं लड़की के स्वजनों ने बताया की हमलोग बच्ची की मर्जी के अनुसार शादी बड़ी धूमधाम से कर रहे हैं। आज हमारे यहां हल्दी का रस्म चल रहा था। लाखों रुपए की लागत से टेंट, पंडाल, डेकोरेशन और हलवाई की वयस्था की गई है। बिना कोई कारण के बच्ची की शादी टूटती है तो हमलोगो की आर्थिक कमर पूरी टूट जाएगी।
