July 22, 2026
euro kids

यूरोकिड्स प्रीस्कूल ने ‘जूनियर प्लेग्रुप’ नाम से एक संरचित अर्ली लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया है। यह प्रोग्राम 18-24 महीने की उम्र के बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य औपचारिक प्रीस्कूल शिक्षा शुरू होने से पहले के अंतर को पूरा करना है। देश भर के 2,000 से अधिक यूरोकिड्स केंद्रों पर शुरू किया गया यह कार्यक्रम शोध-आधारित पाठ्यक्रम के माध्यम से शुरुआती वर्षों में बच्चों के विकास से जुड़े पड़ावों में मदद करने पर केंद्रित है।

30 हफ्तों के इस कार्यक्रम में 450 शिक्षण अनुभव शामिल हैं, जिसमें 150 विशेष गतिविधियां शामिल हैं। प्रत्येक 90 मिनट का सत्र संवेदी अन्वेषण, गतिशीलता, कहानी सुनाने, संचार, व्यावहारिक जीवन कौशल और रचनात्मक जुड़ाव पर केंद्रित है। यह पाठ्यक्रम चार विकासात्मक स्तंभों—दिनचर्या और नियमन, संचार, मस्तिष्क का विकास, तथा अन्वेषण व जिज्ञासा के इर्द-गिर्द बनाया गया है।

यूरोकिड्स के अनुसार, यह कार्यक्रम 1:6 के शिक्षक-बच्चा अनुपात पर विशेष प्रारंभिक बचपन शिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाता है, जबकि सुरक्षित सीखने का माहौल सुनिश्चित करने के लिए कक्षाएं टीयूवी नॉर्ड-प्रमाणित केंद्रों में आयोजित की जाती हैं।

लाइटहाउस लर्निंग (यूरोकिड्स) के प्री-के डिवीजन के सीईओ केवीएस शेषसाई ने कहा कि यह पहल पारंपरिक प्रीस्कूल उम्र से कम उम्र के बच्चों के लिए विज्ञान-समर्थित कार्यक्रम प्रदान करके भारत के अर्ली लर्निंग इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण अंतर को संबोधित करती है। उन्होंने कहा कि जीवन के पहले दो साल मस्तिष्क के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इस कार्यक्रम को संरचित अनुभवों के माध्यम से संचार, आत्मविश्वास, जिज्ञासा और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

कंपनी ने कहा कि यह लॉन्च दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए संरचित विकासात्मक कार्यक्रमों की तलाश कर रहे माता-पिता की बढ़ती मांग के बाद किया गया है। भाग लेने वाले केंद्रों में प्रवेश शुरू हो गया है और कक्षाएं 20 जुलाई से शुरू हो चुकी हैं।

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