टाटा स्टील एक्स-इम्प्लाइज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) की जीएम मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनिता सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने टीएमएच में मरीजों और उनके परिजनों को हो रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि टीएमएच के लगातार विस्तार के साथ ओपीडी और इंडोर में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में अस्पताल परिसर में फोर-व्हीलर और खासकर टू-व्हीलर की पार्किंग की समस्या गंभीर हो गई है। इस पर डॉ. विनिता सिंह ने बताया कि टीएमएच के सामने स्थित बंगलों को हटाकर पार्किंग स्थल विकसित करने की योजना है। इसका कार्य जुस्को द्वारा किया जाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर कार्य में तेजी लाने के लिए दबाव बनाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि अगले माह से टीएमएच के मुख्य द्वार पर दो टोटो वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर के भीतर आने-जाने में सुविधा होगी। प्रतिनिधिमंडल ने टोटो की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने की मांग की।
मरीजों के लिए डॉक्टरों की टीम और ऐप बनाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने रोग की सही पहचान और मरीज को उचित विशेषज्ञ चिकित्सक तक पहुंचाने के लिए डॉक्टरों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया। साथ ही टीएमएच के सभी डॉक्टरों के विभाग और उनकी विशेषज्ञता की जानकारी उपलब्ध कराने वाला एक मोबाइल ऐप विकसित करने की मांग की, ताकि मरीजों को सही चिकित्सक के चयन में परेशानी न हो।
इमरजेंसी सेवा के विस्तार का स्वागत करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने वहां अनुभवी डॉक्टरों के साथ एक-दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी नियमित सेवा उपलब्ध कराने तथा जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की।
वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। डायबिटिक सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीधे जांच और परामर्श की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया गया। इस पर जीएम ने बताया कि गंभीर बीमारियों की दवाएं अब तीन महीने तक, प्रत्येक माह के अंतराल पर, स्थानीय डिस्पेंसरी से लेने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर बीमारी से पीड़ित इंडोर मरीजों पर विशेष ध्यान देने तथा गंभीर बीमारियों से होने वाली मौतों की नियमित समीक्षा करने की मांग की, ताकि ऐसे मामलों से सीख लेकर चिकित्सकीय।
