नाबालिग को सुरक्षित निकालने पहुंची पुलिस टीम को ही मंगलवार की रात ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में डायल 112 की टीम नाबालिग को रेस्क्यू करने पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिस पर हमले की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि मुजफ्फरपुर की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को निस्ता गांव में छिपाकर रखे जाने की जानकारी उसके स्वजन को मिली थी। इसके बाद स्वजन मुजफ्फरपुर से सिंहवाड़ा पहुंचे और डायल 112 की टीम को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मंगलवार रात करीब आठ बजे निस्ता के वार्ड छह में पहुंची। पुलिस टीम नाबालिग को रेस्क्यू करने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पुलिस टीम पर लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थर चलाए जाने लगे। घटना में एक अवर निरीक्षक, महिला दारोगा और पुलिस वाहन के चालक के चोटिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने तीनों के चोटिल होने से इन्कार किया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर कवरेज करने पहुंचे एक मीडिया प्रतिनिधि के साथ भी ग्रामीणों ने मारपीट की। उसके हाथ और पीठ में चोट लगने की बात बताई गई है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार को जांच के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।
