12 अगस्त को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। ब्रेंट क्रूड के $90 प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिससे शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी 50, 24,400 के स्तर से नीचे आ गया। इंडेक्स के 24,400 से नीचे खुलने के बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। रॉयटर्स के अनुसार, शुरुआती कारोबार में निफ्टी लगभग 0.31% गिरकर 24,395.90 पर आ गया, जबकि सेंसेक्स 0.34% गिरकर 77,888.11 पर कारोबार कर रहा था। गौरतलब है कि मंगलवार को भी निफ्टी 24,500 से नीचे बंद हुआ था। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए चिंता का विषय क्यों है? भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से देश का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव पड़ सकता है और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। इसका असर कंपनियों की लागत और मुनाफे पर भी पड़ सकता है।
