April 21, 2026
WhatsApp Image 2026-04-21 at 12.31.54 PM

अपने चौथे सीज़न की शानदार शुरुआत ‘ए अजनबी’ से करने के बाद, कोक स्टूडियो भारत अपना दूसरा गीत ‘बुलेया वे’ लेकर आया है। यह ट्रैक एक गहरी मानवीय सच्चाई को बयां करता है: कभी-कभी सबसे मुश्किल सफर अपने ही अहंकार को छोड़कर खुद तक वापस लौटने का होता है। सूफी कवि बुल्ले शाह और उनके मुर्शिद (गुरु), शाह इनायत की अमर कहानी से प्रेरित, ‘बुलेया वे’ अहंकार, दूरी और उस प्यार की तलाश है जो आपको झुकना सिखाता है। अपने गुरु के प्रति समर्पित, बुल्ले शाह के अहंकार का एक पल उनके रिश्ते में दरार डाल देता है, जिससे एक ऐसी खामोशी शुरू होती है जो अपने आप में एक सज़ा बन जाती है। इसके बाद एक शांत और गहरा दर्द पैदा होता है, जो बुल्ले शाह को खुद का सामना करने पर मजबूर करता है। अंत में, बुल्ले शाह गर्व के साथ नहीं, बल्कि एक साधक की तरह पूरी तरह समर्पित होकर लौटते हैं। यह गीत अहंकार से समर्पण और विरह से मिलन के इस सफर को बहुत ही सादगी और निजी अहसास के साथ पेश करता है।

इस गाने के जरिए जालंधर के एक मिल वर्कर, अशोक मस्कीन को पेश किया गया है, जिनकी बेबाक और अनगढ़ आवाज़ ‘बुलेया वे’ में एक सच्ची ईमानदारी और गहरा अहसास भर देती है। उनके साथ दो अलग-अलग संगीत की दुनिया के कलाकार – मधुर शर्मा और स्वरित शुक्ल जुड़े हैं। जहाँ मधुर अपनी गायकी में एक शांत भावनात्मक गहराई और तड़प का ठहराव लाते हैं, वहीं स्वरित का कम से कम संगीत कहानी को खुलकर सामने आने का मौका देता है। संक्षेप में, ‘बुलेया वे’ खुद को हार में नहीं, बल्कि विनम्रता में खोने की बात करता है, क्योंकि कभी-कभी प्यार और यकीन की सच्ची शुरुआत वहीं से होती है।

शांतनु गांगाने (लीड, आईएमएक्स – कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया) ने कहा, “भारत में संगीत ने हमेशा आत्म-खोज की कहानियाँ सुनाई हैं। ‘बुलेया वे’ के साथ कोक स्टूडियो भारत एक ऐसी यात्रा को जीवंत करता है, जहाँ लड़ाई दुनिया से नहीं बल्कि खुद के भीतर है। बुल्ले शाह की कालजयी कविता से प्रेरित यह गीत दिखाता है कि कैसे दूरी, खामोशी और विनम्रता फिर से जुड़ने का रास्ता तैयार करती हैं। अशोक मस्कीन की दमदार आवाज़, मधुर शर्मा का भावनात्मक ठहराव और स्वरित शुक्ल का सधा हुआ प्रोडक्शन मिलकर इसे एक बहुत ही निजी और असरदार अनुभव बनाते हैं। यह एक ऐसी कहानी है जो पीढ़ियों से चली आ रही है और अब आज के संगीत प्रेमियों के बीच एक नई आवाज़ बन रही है।” यूनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप फॉर ब्रांड्स, इंडिया के ग्रोथ और स्ट्रेटेजी हेड, नवनीत सोढ़ी ने कहा,  “यूनिवर्सल म्यूज़िक इंडिया में, असली और विविध आवाज़ों को आगे बढ़ाना हमारे काम का मुख्य हिस्सा रहा है । ‘बुलेया वे’ में नए और उभरते कलाकारों को एक कालजयी सूफी कहानी के साथ इस तरह जोड़ा गया है, जो बहुत ही निजी होने के साथ-साथ आज के दौर का भी लगता है । जैसे-जैसे हम युवा श्रोताओं से अपना जुड़ाव गहरा कर रहे हैं, हम उन जड़ों को भी साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिन्होंने इस सफर को बनाया है। हमारी यह साझेदारी आज के दौर में भारतीय संगीत को खोजने और महसूस करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रही है ।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *