April 21, 2026
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अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर से पेट्रोल-डीजल आपूर्ति में आई 25 से 30 प्रतिशत की कमी अब भागलपुर जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से असर डालने लगी है। स्थिति ऐसी बन गई है कि परिवहन से लेकर कृषि और व्यापार तक हर क्षेत्र में इसका प्रभाव महसूस किया जा रहा है। जिले में आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की लगभग सौ पेट्रोल पंपों की व्यवस्था होने के बावजूद आपूर्ति बाधित होने से पूरा ईंधन तंत्र दबाव में आ गया है। भागलपुर जिले में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यहां 3,11,605 पेट्रोल वाहन और 84,728 डीजल वाहन सहित कुल लगभग 3.96 लाख वाहन पंजीकृत हैं। सामान्य परिस्थितियों में इन वाहनों की ईंधन जरूरत नियमित रूप से पूरी होती है, लेकिन वर्तमान में आपूर्ति में आई कमी ने मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन को बिगाड़ दिया है। यदि औसतन प्रति वाहन 2 से 3 लीटर प्रतिदिन ईंधन खपत का अनुमान लगाया जाए, तो जिले में रोजाना लगभग 8 से 10 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की आवश्यकता होती है। लेकिन मौजूदा स्थिति में 25 से 30 प्रतिशत आपूर्ति कम होने से प्रतिदिन करीब 2 से 3 लाख लीटर ईंधन की कमी हो रही है। यही अंतर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट संकट के रूप में सामने आने लगा है। ईंधन संकट का सबसे पहला और सीधा असर मालवाहक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन पर देखा जा रहा है। ट्रक, बस और पिकअप वाहनों की आवाजाही सीमित होने लगी है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला भी बाधित होने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल आधारित सिंचाई व्यवस्था और कृषि यंत्रों का संचालन ईंधन पर निर्भर है। ऐसे में डीजल की कमी से ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों का संचालन प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में किसानों को नजदीकी पंपों पर ईंधन नहीं मिलने के कारण दूर-दराज के पंपों पर जाना पड़ रहा है, जिससे खेती कार्य बाधित हो रहे हैं। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर सीमित आपूर्ति के कारण लंबी कतारें लग रही हैं। कई पंपों पर कुछ समय के लिए बिक्री बंद करनी पड़ रही है। इससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और असंतोष की स्थिति भी बढ़ रही है।
भागलपुर में पेट्रोल-डीजल संकट अब केवल आपूर्ति की समस्या नहीं रहकर एक व्यापक आर्थिक चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। परिवहन, कृषि और व्यापार तीनों क्षेत्रों पर इसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक गंभीर हो सकता है।

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