नींद और ब्लड प्रेशर का गहरा संबंध है। अगर आप अपना बीपी कंट्रोल रखना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत अच्छी और पर्याप्त नींद से करें। आइए जानते हैं कैसे पहचानें कि आपकी नींद पूरी हो रही है या नहीं।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जितना जरूरी संतुलित आहार है, उतनी ही अहम अच्छी और पर्याप्त नींद भी है। अगर आप हेल्दी डाइट लेते हैं, लेकिन भरपूर नींद नहीं लेते, तो इसका असर आपकी सेहत पर साफ दिखाई दे सकता है। खासकर युवाओं में नींद की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए नींद से जुड़ी आदतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इनका सीधा असर शरीर, दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
अच्छी नींद आपको शारीरिक और मानसिक रूप से फिट, ऊर्जावान और तरोताजा बनाए रखने में मदद करती है। साथ ही यह ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि सिर्फ पर्याप्त घंटे सोना ही काफी नहीं है। आपकी सोने की दिनचर्या, सोने से पहले खानपान, नींद की गुणवत्ता और उसकी अवधि भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। इसके अलावा खर्राटे लेना या रात में बार-बार नींद खुलना जैसी समस्याएं भी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक खराब नींद लेने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी बढ़ सकता है।
नींद और ब्लड प्रेशर का क्या है संबंध?
इस विषय पर शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी ने बताया कि नींद का सीधा संबंध ब्लड प्रेशर से है। उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन का संतुलन बिगड़ने लगता है। इसका असर रक्तचाप पर पड़ता है और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ जाता है। तनाव हार्मोन बढ़ने से दिल की धड़कन भी तेज हो सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रहती है।
क्या कम नींद से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर?
डॉ. त्यागी के अनुसार, यदि आपको पर्याप्त या अच्छी गुणवत्ता वाली नींद नहीं मिलती है, तो इसका सीधा असर आपके ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए लगातार खराब नींद अधिक नुकसानदायक साबित हो सकती है। समय के साथ यह हार्मोनल संतुलन, हृदय की धड़कन और रक्त वाहिकाओं के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है।
कैसे पहचानें कि आपकी नींद पूरी नहीं हो रही?
अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है, तो शरीर कई संकेत देने लगता है। सुबह उठने के बाद लगातार आलस या सुस्ती महसूस होना इसका सबसे सामान्य लक्षण है। इसके अलावा आंखों में भारीपन, आंखों का लाल होना, सिरदर्द या रातभर सोने के बाद भी थकान महसूस होना भी नींद की कमी की ओर इशारा कर सकता है। यदि सुबह उठते ही बेचैनी महसूस हो और शरीर तरोताजा न लगे, तो यह संकेत है कि आपकी नींद की गुणवत्ता अच्छी नहीं है।
