ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूडो, एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रचते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पहली बार जूडो में स्वर्ण पदक जीते। अस्मिता ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर स्वर्ण अपने नाम किया, जबकि हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऑस्ट्रेलिया के ओलंपियन जोशुआ कैट्ज़ को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के सर्वश्रेष्ठ जूडो अभियान को और मजबूत बनाया।
एथलेटिक्स में ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के सीज़न के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य जीतकर इस स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। मुक्केबाजी में भी भारत का दबदबा कायम रहा, जहां साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मीन लांबोरिया, प्रिया घनघास, अरुंधति चौधरी, लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह, सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल सहित 10 भारतीय मुक्केबाज़ अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच गए हैं। भारत अब इन खिलाड़ियों से स्वर्ण पदकों की उम्मीद कर रहा है।
