April 15, 2026
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विधानसभा चुनाव के महासमर में उत्तर बंगाल की धरती से हुंकार भरते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा सियासी दांव खेला है। दक्षिण दिनाजपुर के गंगारामपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने साफ कर दिया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के विभाजन के पक्ष में नहीं है, लेकिन गोरखा समुदाय की लंबे समय से लंबित समस्याओं का संवैधानिक हल निकाला जाएगा। उत्तर दिनाजपुर में भव्य रोड शो के बाद मंच पर पहुंचे शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए बंगाल में बदलाव का आह्वान किया। 
अमित शाह ने दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों की भावनाओं को छूते हुए कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर बंगाल को बिना बांटे गोरखा समस्या का ऐसा समाधान करेगी जो संविधान के दायरे में होगा। उन्होंने उत्तर बंगाल को राज्य की मुख्यधारा से जोडऩे का वादा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को चार बड़े शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने दार्जिलिंग से सुंदरबन तक एक विशाल हाईवे बनाने और उत्तर बंगाल में एम्स, 600 बेड का कैंसर अस्पताल, आईआईटी, आईआईएम और एक खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का ब्लूप्रिंट भी जनता के सामने रखा।
घुसपैठ के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरते हुए शाह ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद चुन-चुनकर घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन मुहैया नहीं करा रही है, लेकिन भाजपा सरकार के शपथ लेने के मात्र 45 दिनों के भीतर इस समस्या को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। राज्य की आर्थिक स्थिति और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल में सिंडिकेट राज हावी है। निर्माण कार्यों के लिए आम जनता से जबरन टैक्स वसूला जा रहा है। 
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं होगी और विकास का पैसा सीधे आम आदमी तक पहुंचेगा। साथ ही उन्होंने राजबंशी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और एक आदिवासी विश्वविद्यालय बनाने का बड़ा चुनावी वादा भी किया। अपने संबोधन में शाह ने अयोध्या के राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि 2019 में मोदी सरकार की वापसी ने ही भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को दशकों तक लटकाने का आरोप लगाया। साथ ही, बाबरी मस्जिद और अलगाववादी ताकतों के संदर्भ में ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि टीएमसी सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। अमित शाह के इन आक्रामक वादों और तीखे प्रहारों ने उत्तर बंगाल की चुनावी जंग को और भी अधिक धार दे दी है। 

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