यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के दावों के बीच राजेंद्र नगर टर्मिनल में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक दिखी। पेयजल व्यवस्था, शौचालय, टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, वाटर वेंडिंग मशीन तथा सुरक्षा उपकरणों में कई खामियां सामने आईं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे खराब स्थिति प्लेटफार्म संख्या-दो स्थित पेयजल बूथ की मिली। बूथ के भीतर और आसपास कचरे का अंबार लगा था। सिंक में गंदा पानी जमा था, जबकि उसके आसपास प्लास्टिक की थैलियां, कागज, जूठे खाद्य पदार्थ और अन्य अपशिष्ट बिखरे पड़े थे। पेयजल के लिए लगाए गए कई नल टूटे हुए थे। नलों के मुख्य हिस्से गायब थे और केवल पीवीसी पाइप के टुकड़े बाहर निकले हुए थे। ऐसे में यात्रियों के लिए पानी भरना या पीना संभव नहीं था। वहीं प्लेटफार्म संख्या-एक स्थित शौचालय की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। यहां हाथ धोने के लिए लगाए गए दोनों वाश बेसिन पूरी तरह जाम थे। गंदा पानी बेसिनों में ऊपर तक भरा हुआ था। एक बेसिन में कचरे से भरी प्लास्टिक की थैली रखी थी, जबकि दूसरे में प्लास्टिक का ढक्कन तैर रहा था। साबुन रखने का स्टैंड भी खाली और गंदगी से भरा मिला। शौचालय के एक केबिन का दरवाजा ठीक से बंद नहीं हो रहा था और अंदर फर्श व दीवारों पर भी गंदगी दिखाई दी।
स्टेशन के प्रवेश द्वारों पर भी कई तरह की अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। गेट संख्या-तीन और चार पर लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) बंद पड़ी थीं। इससे स्वयं टिकट निकालने की सुविधा यात्रियों को नहीं मिल रही थी। गेट संख्या-चार पर स्थित पूछताछ काउंटर पर दोपहर के समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। यात्रियों को जानकारी प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। काउंटर पर कोई रेलकर्मी मौजूद नहीं
इसी गेट के समीप स्थित टिकट काउंटर पर भी दोपहर 12:45 बजे सन्नाटा पसरा था। काउंटर पर कोई रेलकर्मी मौजूद नहीं मिला। प्लेटफार्म संख्या-एक के पूर्वी छोर पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन भी बंद मिली, जिससे यात्रियों को बोतलबंद पानी खरीदने की सुविधा नहीं मिल सकी। सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े उपकरणों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। गेट संख्या-तीन और चार पर लगाए गए लगेज स्कैनर बंद पड़े थे। ऐसे में स्टेशन में प्रवेश करने वाले सामानों की जांच प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर साफ-सफाई, पेयजल, टिकटिंग और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए।
यात्रियों ने रेल प्रशासन से खराब नलों और एटीवीएम मशीनों को तत्काल दुरुस्त कराने, जाम वाश बेसिन की सफाई कराने, बंद वाटर वेंडिंग मशीन को चालू करने, पूछताछ व टिकट काउंटर पर कर्मचारियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने तथा बंद पड़े लगेज स्कैनरों को शीघ्र चालू कराने की मांग की है। इससे स्टेशन पर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिल सकेगी।
