उत्कल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर रविवार को दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। संगठन के अंदर चल रहे विवाद के बीच चुनाव की प्रक्रिया एसोसिएशन परिसर के बजाय सड़क किनारे लगाए गए तंबू में करानी पड़ी। चुनाव पदाधिकारियों ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तंबू के नीचे मतदान कराया।
चुनाव में समाज के युवा से लेकर बुजुर्ग तक मतदान करने पहुंचे। सड़क किनारे बनाए गए अस्थायी मतदान केंद्र पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव के दौरान सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
शाम ढलते ही तंबू में करनी पड़ी रोशनी की व्यवस्था
शाम होने के बाद मतदान केंद्र पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी पड़ी। तत्काल लाइट की व्यवस्था कर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद इसी अस्थायी स्थल पर मतगणना भी कराई गई।
सड़क किनारे तंबू में चुनाव होने के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों की भी नजर इस असामान्य चुनावी व्यवस्था पर पड़ी। दिनभर लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि आखिर संगठन का चुनाव ऐसी परिस्थितियों में क्यों कराया जा रहा है।
प्रशासन की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
चुनाव के दौरान प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। हालांकि, विपक्ष की ओर से उठाए गए विवाद और आपत्तियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की। चुनाव पदाधिकारियों ने प्रशासन की निगरानी में मतदान और बाद में मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराई।
उत्कल एसोसिएशन जैसे सामाजिक संगठन के चुनाव में इस तरह सड़क किनारे तंबू में मतदान कराए जाने की तस्वीर पूरे दिन चर्चा में रही। अब चुनाव परिणाम के बाद संगठन में विवाद थमने और नई कार्यकारिणी के साथ कामकाज सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है।
