अडानी समूह अपनी सीमेंट कंपनियों अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के अधिग्रहण से जुड़े कर्ज को पुनर्वित्त करने के लिए वैश्विक और घरेलू बैंकों से करीब 2.5 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है। यह सौदा पूरा होने पर इस वर्ष भारत का सबसे बड़ा विदेशी ऋण सौदा बन सकता है। अडानी परिवार के स्वामित्व वाली मॉरीशस स्थित कंपनी Endeavour Trade and Investment Ltd. करीब 1.5 अरब डॉलर का 18 से 24 महीने का ब्रिज लोन जुटाने की तैयारी में है, जिसे बाद में भारतीय बैंकों से रुपये में लिए गए कर्ज के जरिए पुनर्वित्त किया जा सकता है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक शामिल हो सकते हैं। वहीं, समूह की एक अन्य पारिवारिक कंपनी Adani Infra (India) Ltd. भारतीय रिजर्व बैंक के एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग ढांचे के तहत करीब 1 अरब डॉलर का पांच वर्षीय ऋण जुटाने की योजना बना रही है। दोनों ऋण सुविधाओं की ब्याज दर अमेरिकी बेंचमार्क SOFR से क्रमशः करीब 150 और 275 बेसिस प्वाइंट अधिक हो सकती है। DBS, MUFG, SMBC और Standard Chartered समेत कई अंतरराष्ट्रीय बैंक इस वित्तपोषण को लेकर बातचीत कर रहे हैं। ऋण समझौते अगले दो से तीन सप्ताह में हस्ताक्षरित होने और अक्टूबर के अंत तक पूरा होने की संभावना है। सौदा पूरा होने पर यह Adaniconnex द्वारा इस वर्ष लिए गए 1.13 अरब डॉलर के विदेशी ऋण से बड़ा होगा। बदलते क्रेडिट बाजार में अलग-अलग स्रोतों से पूंजी जुटाने और कर्ज की लागत कम करने के लिए अडानी समूह ने पुनर्वित्त योजना को दो हिस्सों में बांटा है। समूह ने 2023 में अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के अधिग्रहण के लिए 3.5 अरब डॉलर का वित्तपोषण पैकेज हासिल किया था और 2027 में करीब 1 अरब डॉलर की एक और पुनर्वित्त व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है।
