झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। यूपी से लौट रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र के चलते राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 12 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं।
9 सितंबर को रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
राजधानी रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। यहां दिनभर बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। मंगलवार को भी रांची और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर छिटपुट बारिश हुई थी।
10 सितंबर को रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह और धनबाद में तेज हवा के साथ भारी बारिश और वज्रपात हो सकता है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
11 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, 12 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है।
मंगलवार, 8 सितंबर को सिमडेगा और रामगढ़ में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। सिमडेगा के बांसजोर प्रखंड स्थित कछुपानी गांव में 45 वर्षीय सुनीता डुंगडुंग वज्रपात की चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौत हो गई।
रामगढ़ जिले के बलसगरा कठरेहवा निवासी 50 वर्षीय नरेश महतो की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया गया कि घटना के समय वह मवेशी चरा रहे थे।
इस साल अब तक रांची में सामान्य से करीब 13 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने से राज्य में कुल बारिश के आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है।
