पटना सिटी के मच्छहरट्टा के गोपीनाथ गली स्थित 131 वर्ष प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर से पिछले 111 वर्षों से रथयात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है. इस वर्ष भी गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी. रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. मंदिर के आचार्य रामानंद पांडे ने बताया कि वैदिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को 15 फीट ऊंचे और 16 चक्कों वाले रथ पर विराजमान कराया जाएगा. इसके बाद रथयात्रा अशोक राजपथ के मुख्य मार्ग से होते हुए लल्लू बाबू के कुचा स्थित मंदिर तक पहुंचेगी.
उन्होंने बताया कि मंदिर में भगवान जगन्नाथ के साथ माता लक्ष्मी भी विराजमान हैं. रथयात्रा के दौरान भगवान की प्रतिमाएं नगर भ्रमण के लिए निकलती हैं.
आचार्य रामानंद पांडे ने बताया कि मंदिर में भगवान जगन्नाथ 13 दिनों तक प्रवास करेंगे. इस दौरान नवमी से चतुर्दशी तक प्रतिदिन अलग-अलग झांकी और श्रृंगार दर्शन कराया जाएगा.
पहले दिन भगवान गरुड़ वाहन पर दर्शन देंगे. इसके अलावा गोवर्धन पर्वत, श्री लड्डू गोपाल, राजगद्दी और कालिया नाग श्रृंगार जैसी झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा मौसी बाड़ी से वापस लौटेगी. बेगमपुर जल्ला स्थित हनुमान मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान जगन्नाथ का प्रवास कराया गया है.
मंदिर न्यास के प्रदीप जैन और प्रबंधक बालाजी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
महाराजा कुंवर रूप नारायण सिंह ट्रस्ट के कमल नयन श्रीवास्तव और सचिव संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की नगर भ्रमण शोभायात्रा 26 जुलाई को मंदिर परिसर से निकाली जाएगी.
यह शोभायात्रा गायघाट स्थित चैतन्य मंदिर होते हुए वापस जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी. आयोजन को लेकर मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
