September 25, 2026
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सिलीगुड़ी:- दिनोंदिन गर्मी का तापमान बढ़ता जा रहा है। गर्मी अधिक पड़ने से लोगों का हाल बेहाल है। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। गर्मी से राहत पाने के लिए बहुतायत में लोगों को ठंडा पानी अधिक पसंद होता है। वहीं चिकित्सक सुझाव देते हैं कि फ्रिज का ठंडा पानी स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं है। इससे गले में दिक्कत होती है। वैसे तमाम लोग आज भी मिट्टी के घड़े एवं मिट्टी से निर्मित अन्य बर्तनों में पीने का पानी रखते हैं। गर्मी में मिट्टी के बर्तन में रखा पानी ठंडा होने के साथ ही शरीर को राहत भी पहुंचाता है। यही वजह है कि बहुतायत में लोग ठंडे पानी पीना पसंद करते हैं इसके लिए लोग मिट्टी के विभिन्न आकार
में निर्मित बर्तनों का उपयोग करते है। ऐसे में गर्मी का स्तर बढ़ने के साथ ही आम लोगों का झुकाव एक बार फिर पुरानी परंपराओं की ओर होने लगा है। बाजार में मिट्टी के फिल्टर व बोतलों की बिक्री बढ़ गई है। कई घरों में इन मिट्टी के फिल्टरों और बोतलों का चलन पुनः शुरू हो गया है। इससे लोगों को काफी राहत मिलती है। लोगों का मानना है कि मिट्टी के बर्तन में पानी ठंडा रहता है और हमारे लिए काफी लाभदायक भी है। इसमें पानी रखने से किसी प्रकार की बीमारी का डर नहीं रहता है। इसलिये फ्रिज की तुलना में मिट्टी का बर्तन ज्यादा फायदेमंद है।माटीगाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मिट्टी के बर्तन का दुकान लगाने वाले गौतम पाल ने कहा कि गर्मी बढ़ने के कारण मिट्टी के फिल्टर की मांग बढ़ी है। इस बार लोगों के लिए मिट्टी बोतल भी उपलब्ध है। जो लोगों को ज्यादा पसंद आ रहा है।यह आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के फिल्टर 250 से 300रु. और मिट्टी की बोतल 120-150 रुपये में बिक्री कर रहे हैं। वे लोग मिट्टी की बोतल और फिल्टर दूसरे राज्यों में भी भेजते हैं। जिसमें यूपी, लखनऊ, मध्यप्रदेश समेत कई राज्य शामिल हैं।
वहीं एक अन्य बिमल पाल ने कहा कि अगर लोग ठंडा पानी नहीं पिएंगे तो बीमार हो जाएंगे क्योंकि दिन-ब- दिन तापमान बढ़ रहा है। हालांकि आपको फ्रिज में रखा ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर को कई तरह के नुकसान होते हैं। इसलिए मिट्टी के बर्तन में रखे पानी का सेवन आसानी से किया जा सकता है। अगर मिट्टी के बर्तन में पानी रखा जाए तो वह लंबे समय तक ठंडा रहता है और पानी पानी की गणवत्ता वही रहती हैं।

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