बिहार में इस बार अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। गंगा, कोसी, सोन, गंडक और बागमती समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गुरुवार दोपहर पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
सोन नदी का जलस्तर भी इस सीजन में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इंद्रपुरी बराज पर सोन में 2.94 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। वहीं, केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना के दीघाघाट के अलावा हाथीदह, साहिबगंज और कहलगांव में गंगा का जलस्तर आने वाले दिनों में लाल निशान को पार कर सकता है। हालांकि, गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 61 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया, जहां अब इसमें कमी आने की संभावना है।
सीवान के दरौली में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, मुजफ्फरपुर के वेनीवाद में बागमती नदी 37 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बेगूसराय के मुंगेर घाट में भी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। दूसरी ओर, बगहा में गंडक नदी के कटाव के चलते कई जगहों पर घरों और खेतों में पानी घुस गया है। बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में पटना से लेकर भागलपुर तक के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बिहार में बारिश सामान्य से कम होने के बावजूद नेपाल में हो रही भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल कई नदियां लाल निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं, लेकिन कुछ जगहों पर जलस्तर कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकता है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पहले से ही सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं और स्थानीय प्रशासन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
