प्रदेश के प्रतियोगी अभ्यर्थियों के हित में गुरुवार को शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में बिंदुवार चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए।
छात्र प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान बीपीएससी 70वीं की पारदर्शिता, 1799 दारोगा बहाली परीक्षा की जांच, सहायक प्राध्यापक बहाली से पहले बिहार पात्रता परीक्षा (बीईटी) के आयोजन तथा बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएसी) की परीक्षाओं को समय पर आयोजित कराने को लेकर सहमति बनी। इसके बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
बैठक में 70वीं बीपीएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता से जुड़े मामलों की जांच, बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को समय पर कराने, 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा की जांच और सहायक प्राध्यापक भर्ती से पहले बिहार पात्रता परीक्षा (बीईटी) से संबंधित मांगों पर भी चर्चा हुई।
तय हुआ कि परीक्षा सुधार कमेटी के समक्ष शिकायतकर्ता साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखेंगे। कमेटी के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
1799 दरोगा भर्ती परीक्षा की आगे की प्रक्रिया कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। बीएसएससी को जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी कर परीक्षाएं समय पर कराने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में पुस्तकालयाध्यक्ष की रिक्तियों के अनुरूप बहाली प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने पर भी सहमति बनी।
संविदाकर्मियों को भर्ती में अंक या वेटेज देने की स्थिति में अलग कोटा निर्धारित करने के मुद्दे पर उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर सरकार के प्रविधानों के तहत विचार किया जाएगा।
भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के संबंध में न्यायविद से प्राप्त परामर्श के अनुरूप नियमानुकूल कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी कमेटी में विचार किया जाएगा। बैठक में 24 अगस्त टीआरई-4 के पाठ्यक्रम को बदलने एवं अन्य से जुड़े आदेश को निरस्त करने पर निर्णय लिया गया। सरकार ने सभी भर्ती प्रक्रियाओं का कैलेंडर जारी करने और उसका सख्ती से अनुपालन करने की मांग पर भी सहमति जताई है। बीपीएससी की तर्ज पर आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका से जुड़ी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा।
बताया गया कि बीपीएससी की एईडीओ, सेनेटरी इंस्पेक्टर आदि परीक्षाओं में पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
