May 6, 2026
HEALTH (2)

साकची स्थित मेडिसिस्ट ईएनटी एंड जनरल हॉस्पिटल में मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे करीब दो दर्जन लोगों ने घुसकर बवाल किया बल्कि आरोप है कि डा. बीमरजीत प्रधान के केबिन में घुसकर उनके साथ मारपीट की. इस मामले को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डा. सौरव चौधरी ने नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एसएसपी पीयूष पांडेय से मिला. वहीं साकची थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत भी की. पुलिस को मामले की वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराया गया। मंगलवार की दोपर साकची स्थित मेडिसिस्ट ईएनटी एंड जनरल हॉस्पिटल में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दर्जनों युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. इस दौरान परिजनों ने डॉक्टर से दूसरे अस्पताल में चल रहे इलाज का खर्च देने की मांग की. विवाद बढऩे पर आरोप है कि युवकों ने डॉक्टर के चैंबर में घुसकर मारपीट की. सूचना मिलते ही साकची पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी स्थिति, परिजनों का आरोप

मरीज राजहंस कुमार मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिला का रहने वाला है. वहां यहां पर किराये के मकान में रहने कर प्राइवेट नौकरी करता है. परिजनों का कहना है कि 24 अप्रैल को अस्पताल में टॉन्सिल का ऑपरेशन हुआ था. ऑपरेशन के बाद लगातार ब्लीडिंग होती रही, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो गई. बाद में उसे टीएमएच में भर्ती कराना पड़ा. परिजनों का आरोप है कि गलत इलाज के कारण स्थिति बिगड़ी, इसलिए टीएमएच में हुए इलाज का पूरा खर्च संबंधित अस्पताल प्रबंधन को उठाना चाहिए. वहीं इस संबंध में डा. बीमरजीत प्रधान ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा था. 29 अप्रैल को ब्लीडिंग की शिकायत पर मरीज को भर्ती कर उपचार किया गया. 3 मई को दोबारा समस्या होने पर बेहतर इलाज के लिए स्वयं टीएमएच रेफर किया गया, जहां मरीज अब खतरे से बाहर है. उन्होंने करीब दो दर्जन अज्ञान युवकों पर उनके चैम्बर में घुसकर मारपीट का आरोप लगाया।

डॉक्टरों पर हमला नहीं किया जाएगा बर्दाश्त, पुलिस प्रशासन पर भरोसा: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डा. सौरव चौधरी ने पूरे मामले से अवगत कराते हुए कहा कि  डॉक्टरों पर हो रहे हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साकची स्थित आईएमए भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉक्टरों का कहना कि डॉक्टरों पर लगातार हमले चिंता का विषय हैं और उन्हें सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है. संगठन ने हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी, फास्ट-ट्रैक जांच और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. इस संबंध में एसएसपी पीयूष पांडेय से भी मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की गई. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पर भरोसा है कि डॉक्टरों को न्याय मिलेगा।

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