May 19, 2026
BIHAR (2)

जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति व टाटा स्टील कमांड एरिया की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह से चरमरा गई है. शहर के गली-मोहल्लों से लेकर सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों व धार्मिक स्थलों के आसपास हर जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है. कई इलाकों में दो-दो से तीन-तीन दिनों तक कचरे का उठाव नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि जेएनएसी की सफाई व्यवस्था शुरू से फेल रही है वहीं अब टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (पूर्व में जुस्को) की व्यवस्था भी ठप पड़ गई है।

शहरवासियों का सफाई व्यवस्था को लेकर कहना है कि कचरा डंपिंग स्थलों से भी समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा है. कई जगहों पर न तो सफाई कर्मी नजर आते हैं और न ही कचरा उठाने वाली गाडिय़ां पहुंच रही हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध व गंदगी से जूझना पड़ रहा है. जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) पर सफाई व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहने के आरोप लगते रहे हैं, वहीं अब टाटा कमांड एरिया में सफाई की जिम्मेदारी संभाल रही टाटा स्टील यूआईएसएल की व्यवस्था भी इन दिनों पटरी से उतरी हुई दिखायी दे रही है. बताया जा रहा है कि कंपनी के कई क्षेत्रों में नए ठेकेदारों को सफाई का टेंडर मिला है. नए ठेकेदार फिलहाल कचरा उठाव के लिए नई गाडिय़ों की खरीद व पुरानी गाडिय़ों की मरम्मत कराने में जुटे हैं, जिसके कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।

मानसून से पहले डेंगू फैलने का खतरा

शहर में गंदगी बढऩे के कारण मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है. मानसून की दस्तक से पहले शहर की खराब सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गयी है. ऐसे में यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी तो डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

मशेदपुर को नंबर वन बनाने के दावे की खुलती पोल

जमशेदपुर के शहरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जेएनएसी व टाटा स्टील यूआईएसएल संभालती हैं, ये दोनों संस्थाएं शहर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने का दावा करती रही हैं. टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) ने स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर शहरवासियों के लिए एक वेबसाइट भी जारी की है, जिसके माध्यम से लोगों से प्रतिक्रिया देने व जमशेदपुर को प्रथम स्थान दिलाने में सहयोग की अपील की है. टाटा स्टील यूूआईएसएल ने ‘जिम्मेदार नागरिक, जिम्मेदार शहर’ का स्लोगन भी दिया है, लेकिन मौजूदा हालात इस दावे की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।

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