सुप्रीम कोर्ट से टाटा स्टील को 890.52 करोड़ के जीएसटी विवाद मामले में बड़ी राहत मिली है. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कंपनी के खिलाफ चल रही आगे की सभी कार्यवाहियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। टाटा स्टील का मामला कथित अनियमित इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के उपयोग से जुड़ा है. जमशेदपुर स्थित सीजीएसटी व केन्द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त कार्यालय की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक की अवधि के लिए यह मांग नोटिस की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल 890.52 करोड़ की कर वसूली, ब्याज व जुर्माने से संबंधित कार्रवाई स्थगित रहेगी. टाटा स्टील ने इस मामले में जारी कारण बताओ नोटिस व मांग आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इससे पहले सीजीएसटी आयुक्त, जमशेदपुर ने कुल 1,132.18 करोड़ की कर मांग व जुर्माने का आदेश पारित किया था, हालांक इस मामले में टाटा स्टील ने कहा था कि उसने सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत 514.19 करोड़ का भुगतान पहले ही कर दिया है।
इसके बाद कंपनी की शुद्ध देनदारी घटकर करीब 493.35 करोड़ रह गई थी. सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत दिए जाने के बाद कंपनी को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है. इस फैसले से न केवल टाटा स्टील को राहत मिलेगी, बल्कि बड़े कॉरपोरेट कर विवादों में न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और संतुलन को भी बल मिलेगा।
