सिक्किम सरकार ने देशव्यापी अपील और सरकारी खर्चों में कटौती करने की प्रतिबद्धता के तहत राज्य में वाहनों के लिए ऑड-इवन नियम लागू करने का निर्णय लिया है। गुवाहाटी और गंगटोक से जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरकारी यात्राओं और खर्चों को कम करने के आह्वान के जवाब में यह कदम उठाया गया है। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थानों में ईंधन की खपत को नियंत्रित करने तथा सरकारी संपत्तियों का कुशलतापूर्वक उपयोग करने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से ५०% तक कम कर दिया गया है। यह नियम सरकारी और निजी दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होगा, हालांकि स्थानीय टैक्सियों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस पाबंदी से पूरी तरह छूट दी गई है।
इस मुहिम को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्वयं एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उन्होंने राजधानी गंगटोक में स्थित अपने आधिकारिक निवास मिंटोकगांग से मनन केंद्र में आयोजित एक सरकारी समारोह में शामिल होने के लिए २ किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री एक स्थानीय टैक्सी से वापस लौटे और उसी दिन बाद में सिक्किम प्रीमियर फुटबॉल लीग का फाइनल मैच देखने के लिए उन्होंने शहर की बस सेवा ‘सिटी रनर’ का उपयोग किया। सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री का यह कदम केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि राज्य के नागरिकों के लिए एक मजबूत संदेश है कि नेतृत्व की शुरुआत व्यक्तिगत अनुशासन से होनी चाहिए। नए नियमों के तहत सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिकतम सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, अवांछित यात्राओं से बचने और बैठकों के लिए डिजिटल या वर्चुअल माध्यमों पर निर्भर रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
