चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपने पहले ही सीजन में संजू सैमसन ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में १०१ रनों की नाबाद शतकीय पारी खेलकर अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है। इस प्रदर्शन के बाद खेल जगत में उन्हें महेंद्र सिंह धोनी का असली उत्तराधिकारी माना जा रहा है। मैच के बाद सैमसन ने कहा कि जब टीम लगातार विकेट खो रही थी, तब एक सेट बल्लेबाज के तौर पर अंत तक टिके रहना उनकी जिम्मेदारी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पूर्व-निर्धारित मानसिकता के साथ मैदान पर नहीं उतरते, बल्कि खेल की स्थिति के अनुसार अपनी रणनीति बदलते हैं। उनके अनुसार, उनके अनुभव और टीम द्वारा उन पर जताए गए भरोसे का यह कर्तव्य है कि वे टीम की जरूरतों को अपनी व्यक्तिगत खेल शैली से ऊपर रखें।
सैमसन की इस परिपक्वता ने सीएसके के मौजूदा कप्तान रुतुराज गायकवाड़ पर दबाव बढ़ा दिया है, जो इस सीजन में अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में संघर्ष कर रहे हैं। जहां गायकवाड़ कप्तानी की भूमिका में हैं, वहीं मैदान पर संकट के समय ‘लीडर’ के रूप में सैमसन की भूमिका अधिक प्रभावी नजर आई। सैमसन ने टीम के युवा खिलाड़ियों के जज्बे की भी सराहना की और कहा कि तीन हार के बाद टीम ने जिस तरह का चरित्र दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। उनकी इस शतकीय पारी और जिम्मेदारी भरे दृष्टिकोण ने न केवल सीएसके को १०३ रनों की विशाल जीत दिलाई, बल्कि टीम के भीतर नेतृत्व को लेकर एक नई बहस को भी जन्म दे दिया है।
