September 23, 2026
death

सैनिक अभ्यास के बाद सुरक्षा मानकों के पालन में हुई गंभीर चूक एक नाबालिग की जान पर भारी पड़ गई।
गया जिला अंतर्गत बाराचट्टी प्रखंड क्षेत्र के बुमेर पंचायत के विघी पहाड़ी के समीप स्थित सैनिक अभ्यास फील्ड रेंज में शुक्रवार को अप्रस्फुटित विस्फोटक के अचानक फटने से 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल इलाके में दहशत फैला दी है, बल्कि प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना उस समय हुई, जब कुछ युवक प्रतिबंधित क्षेत्र में पड़े एक संदिग्ध विस्फोटक को चुनने के लिए अंदर चले गए। अचानक हुए विस्फोट में बुमेर पंचायत निवासी सौरभ कुमार (15 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में मुकेश कुमार 15 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल, गया रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 29 जनवरी 2026 से सीआरपीएफ राजगीर की टीम द्वारा विघी पहाड़ी स्थित सैनिक अभ्यास फील्ड रेंज में फायरिंग अभ्यास किया जा रहा था, जो 31 जनवरी तक प्रस्तावित था। हालांकि फायरिंग अभ्यास एक ही दिन में समाप्त कर दिया गया।
नियमानुसार, किसी भी सैन्य अभ्यास के बाद पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर अप्रस्फुटित गोला-बारूद की पहचान की जाती है और उसे या तो नियंत्रित तरीके से नष्ट किया जाता है या तकनीकी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से हटाया जाता है। लेकिन इस मामले में समुचित जांच नहीं होने के कारण विस्फोटक खुले में रह गया, जो इस हादसे का कारण बना। बुमेर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार उर्फ गुड्डू यादव ने बताया कि घटना के बाद सीआरपीएफ राजगीर के अधिकारियों से बातचीत हुई है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जिस प्रकार के ग्रेनेड से विस्फोट हुआ, वह उनकी फायरिंग में प्रयुक्त नहीं किया गया था। मुखिया ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र नियमित रूप से सैनिक अभ्यास के लिए उपयोग में लाया जाता है। चारों ओर जंगल से घिरे इस इलाके में फायरिंग से पहले अस्थायी रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित तो किया जाता है, लेकिन स्थायी घेराबंदी और प्रभावी निगरानी के अभाव में ग्रामीणों का आवागमन बना रहता है।
घटना को लेकर स्थानीय विधायक ज्योति देवी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति शोक जताया है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि स्थायी घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और चौकसी की व्यवस्था होती, तो यह हादसा टल सकता था। विधायक ने घोषणा की कि आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। घटना कि पुष्टि पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने किया है।

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