प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया में जारी सभी संघर्षों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत के पक्ष में लगातार बने रुख को दोहराया।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ मेलबर्न में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सभी मौजूदा वैश्विक विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही निकाला जा सकता है।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। क्षेत्र में हालिया सैन्य गतिविधियों और अमेरिका तथा ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और जटिल हो गई है। इसके जवाब में ईरान की ओर से किए गए हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान के माध्यम से स्पष्ट किया कि भारत किसी भी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को सबसे प्रभावी माध्यम मानता है।
