मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने जेंडर डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए घोषणा की है कि कंपनी में महिला कर्मचारियों की कुल संख्या अब १,३०० से अधिक हो गई है। कंपनी ने विशेष रूप से गुरुग्राम और मानेसर प्लांट के ‘शॉप फ्लोर’ पर महिलाओं की भर्ती में तेजी लाई है। अब ये महिला कर्मचारी वाहन निर्माण, इंजन असेंबली लाइन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों को संभाल रही हैं। मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची के अनुसार, इंजीनियरिंग, मार्केटिंग और सेल्स जैसे विभागों में महिलाओं की पहले से ही अच्छी भागीदारी है, लेकिन अब उन्हें सीधे उत्पादन कार्यों (लाइन निर्माण) में जोड़ना कंपनी की प्राथमिकता है।
महिलाओं के लिए कार्यस्थल को सुरक्षित और समावेशी बनाने के लिए कंपनी ने कई ठोस कदम उठाए हैं। बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) में सुधार करते हुए अलग रेस्ट रूम, चेंजिंग एरिया और क्रेच सुविधा जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। शाम की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष गार्ड और पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, कंपनी सभी कर्मचारियों के लिए १०० प्रतिशत यौन उत्पीड़न रोकथाम ट्रेनिंग और सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम अनिवार्य रूप से चला रही है, ताकि कार्यस्थल पर एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बना रहे।
