September 5, 2026
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कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव पंचायत स्थित नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय के दो शिक्षकों पर लगे गंभीर आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पूरे इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित तौर पर विद्यालय की एक पूर्व छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करने और घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है।
गुरुवार की देर रात तक बड़ी संख्या में ग्रामीण कृष्णाब्रह्म थाना पहुंचे और आरोपित शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, इस मामले में अब तक कोई प्राथमिकी नहीं हुई है। मामले में विद्यालय के शिक्षक अरविंद कुमार पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक नाबालिग छात्रा को होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया तथा घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वहीं, विद्यालय के दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद पर भी आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में ऑडियो के जरिये धमकी देने की बात का भी उल्लेख है। ग्रामीणों की ओर से शिक्षा विभाग को दिए गए आवेदन में दोनों शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में छात्राओं के साथ छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा ऑडियो के माध्यम से धमकी देने जैसी बातें कही गई थीं। मामला संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमरांव की ओर से 31 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। इसमें ग्रामीणों की शिकायत और दोनों शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर दोनों शिक्षकों को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
इधर, बुधवार की देर रात थाने पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि छात्राओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीण दोनों शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने आरोपितों को अविलंब गिरफ्तार करने का आश्वासन देते हुए संभावित ठिकानों पर छापामारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने आरोपों को प्रथमदृष्टया गंभीर माना है, लेकिन उनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। संवेदनशील मामले में पुलिस भी साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
इधर, अपने ही विद्यालय की पूर्व छात्रा से जुड़े आरोपों ने ग्रामीणों की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं। लोगों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी है।

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