FILE PHOTO: A man walks past the Tata Steel stall at the India Steel 2025 Conference in Mumbai, India, April 25, 2025. REUTERS/Francis Mascarenhas/File Photo
टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समेकित (कंसोलिडेटेड) शुद्ध लाभ 243 प्रतिशत बढ़कर 10,886 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं भारत कारोबार का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) करीब 17 प्रतिशत बढ़कर 16,133 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की ओर से जारी वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में समेकित राजस्व 2,32,140 करोड़ रुपये रहा, जबकि एबिटा बढ़कर 34,848 करोड़ रुपये पहुंच गया। चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद एबिटा में 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारत कारोबार में कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारत में राजस्व 1,40,302 करोड़ रुपये और EBITDA 34,272 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 24 प्रतिशत दर्ज किया गया। कंपनी ने इस दौरान अब तक का सर्वश्रेष्ठ कच्चा इस्पात उत्पादन लगभग 23.4 मिलियन टन और डिलीवरी 22.5 मिलियन टन की।
जनवरी से मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 63,270 करोड़ रुपये रहा और EBITDA 9,953 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान EBITDA में 47 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई। भारत में तिमाही राजस्व 38,654 करोड़ रुपये और EBITDA 9,841 करोड़ रुपये रहा। इस तिमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 14 प्रतिशत बढ़कर 6.22 मिलियन टन पहुंच गया, जबकि डिलीवरी 6.19 मिलियन टन रही, जो कंपनी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही प्रदर्शन माना जा रहा है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 14,026 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश किया गया। वहीं शुद्ध कर्ज में भी करीब 2,285 करोड़ रुपये की कमी आई और यह घटकर 80,144 करोड़ रुपये रह गया। पंजाब के लुधियाना में 0.75 MTPA क्षमता वाले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) का मार्च 2026 में शुभारंभ किया गया। करीब 3,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह संयंत्र कम कार्बन उत्सर्जन तकनीक पर आधारित है। कंपनी ने लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की इकाई TM International Logistics Limited (TMILL) में अतिरिक्त 23 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का भी फैसला लिया है। इसके लिए 335 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में टाटा स्टील की TMILL में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 4 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की है। प्रबंधन ने क्या कहा T V Narendran ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन व्यवधानों से प्रभावित रहा, लेकिन कंपनी ने परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण के जरिए बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी की ब्रांडेड और वैल्यू एडेड उत्पाद श्रृंखला लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में कंपनी की स्थिति और मजबूत हुई है तथा टाटा टिस्कॉन अब देश के लगभग 97 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुका है। कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘आशियाना’ और ‘डिजीईसीए’ का कारोबार भी 137 प्रतिशत बढ़कर 8,495 करोड़ रुपये पहुंच गया।
