टाटा स्टील ने जाजपुर जिले के सुकिंदा क्षेत्र में जिम्मेदार खनन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया है. कंपनी ने जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और समुदाय के स्वास्थ्य व कल्याण की सुरक्षा की दिशा में कई व्यापक उपाय लागू किए हैं। उन्नत उपचार प्रौद्योगिकियों, स्मार्ट मॉनिटरिंग प्रणालियों व समुदाय-केन्द्रित पहलों के एकीकरण के माध्यम से कंपनी देश के सबसे अधिक खनन-प्रधान क्षेत्रों में से एक में जिम्मेदार जल प्रबंधन की नई परिभाषा स्थापित कर रही है।
इन पहलों के केन्द्र में सुकिंदा क्रोमाइट माइन में स्थापित व्यापक जल शोधन अवसंरचना है, जिसमें 4,500 केएल प्रति घंटा क्षमता वाला उच्च क्षमता का एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट शामिल है. यह प्लांट औद्योगिक अपशिष्ट जल और सतही बहाव का उपचार करता है, जिससे अवांछित तत्वों को हटाकर पानी का सुरक्षित पुन: उपयोग या जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन सुनिश्चित किया जाता है।
टाटा स्टील ने अपने सरुआबिल क्रोमाइट माइन में 1,200 केएल प्रति घंटा क्षमता वाला एक नया एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट शुरू किया है, जो पहले से संचालित 380 केएल प्रति घंटा इकाई को सुदृढ़ करता है। टाटा स्टील के फेरो एलॉयज एंड मिनरल्स डिवीजन के एग्जीक्यूटिव-इन-चार्ज ने कहा कि जल एक साझा संसाधन है व इसकी सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।
