तेल विपणन कंपनियों ने ‘पावर’ या प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में २ रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उच्च प्रदर्शन वाले ईंधन पर लागू होगी, जबकि आम जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाले सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रीमियम ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की लागत और एडिटिव्स के खर्चों में हुए बदलावों के कारण मानी जा रही है, जिससे अब प्रीमियम वाहनों के मालिकों को अधिक भुगतान करना होगा।
दूसरी ओर, सामान्य पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखने से आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि प्रीमियम और सामान्य पेट्रोल के बीच मूल्य का यह अंतर अब और बढ़ गया है, जिससे उपभोक्ता अपनी पसंद और वाहन की जरूरत के अनुसार चुनाव कर सकेंगे। सरकार और तेल कंपनियों की इस रणनीति को ईंधन बाजार में संतुलन बनाए रखने और महंगाई को नियंत्रित करने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ परिवहन लागत सीधे तौर पर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित करती है।
