अमेरिका इरान और इजरायल युद्ध का असर अब लोगों के रोजी रोजगार पर पड़ने लगा है। रसोई गैस की किल्लत के कारण काको प्रखंड के भदसारा गांव निवासी शैलेश शर्मा सूरत से अपना धंधा बंदकर ऑटो से घर लौटे हैं।
बताया कि टिकट नहीं मिलने पर आसपास के आठ लोगों के साथ ऑटो रिक्शा से 1800 किलोमीटर की दूरी तय कर देहुंनी गांव में पहुंचे। शैलेश शर्मा ने बताया कि वे सूरत में रहकर अपना छोटा पेपर प्लेट का धंधा करते थे। लेकिन पिछले डेढ़ महीने से इन लोगों को रसोई गैस उपलब्ध नहीं हो रहा था। कई
दिनों तक तो ये लोग चूड़ा दही खाकर किसी तरह से रह रहे थे। रसोई गैस की किल्लत के बारे में लोगों का बताना है कि एक रसोई गैस सिलेंडर का मूल्य 5000 तक चुकाना पड़रहा था जो उनके बस की बात नहीं थी।
उन्होंने बताया कि टिकट नहीं मिलने और ट्रेन में भीड़ की स्थिति को देखते हुए ऑटो से गांव लौटने को मजबूर हो गए। इस पांच दिन के सफर में 10 हजार रुपये का डीजल और भोजन का खर्च अलग से आया।
