तमलुक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने 80 विधायक जिताए थे, लेकिन उन्हें संभालकर नहीं रख सके, तो क्या इसकी जिम्मेदारी मेरी है? उन्होंने 29 सांसद जिताए थे, जिनमें से 20 को वे बरकरार नहीं रख सकीं, तो क्या इसका दोष मेरा है? वे (ममता बनर्जी) अपना ही घर नहीं संभाल पा रही हैं। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, “उनके सबसे बड़े समर्थक फिरहाद हकीम का कहना है कि उन्होंने भक्त से ज्यादा रक्त को महत्व दिया है। क्या फिरहाद हकीम बीजेपी के नेता हैं या हमारे प्रवक्ता? ममता बनर्जी को पहले अपने पड़ोसी फिरहाद हकीम के साथ मामला सुलझाना चाहिए, उसके बाद हमारे बारे में सोचना चाहिए।
बंगाल में कुछ ही दिनों बाद नगरपालिका चुनाव शुरू होने वाले हैं। इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तमलुक में एक कार्यक्रम के दौरान हल्दिया नगरपालिका चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हल्दिया नगरपालिका चुनाव में विपक्ष को खाता खोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से सभी 30 सीटों पर जीत हासिल करने का आह्वान किया।तमलुक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हल्दिया नगरपालिका में चुनाव होने हैं। एक-दो दिनों के भीतर इस संबंध में बैठक करूंगा। पूरे जिले के कार्यकर्ता चुनाव में जुट जाएंगे। हल्दिया नगरपालिका में कुल 30 सीटें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी 30 सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष को शून्य पर पहुंचाना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में 46 प्रतिशत वोट मिले थे और पार्टी ने सरकार बनाई थी। इस बात का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा 60 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर सभी चुनावों में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि फलता उपचुनाव, रेजिनगर और नंदीग्राम में यह साबित हो चुका है। आने वाले दिनों में नगर निगम और नगरपालिका चुनावों में भी यह साबित होगा। पंचायत चुनाव में भी यही परिणाम देखने को मिलेगा। इस बीच, तमलुक सांगठनिक जिले के भाजपा अध्यक्ष मलय सिन्हा ने भी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका खाता खुलेगा कैसे? उनका कोई अस्तित्व नहीं है। नंदीग्राम में वे उम्मीदवार तक नहीं उतार सके। उनके बैंक में भी खाता नहीं है। ऐसे में चुनाव में खाता खोलने का सवाल ही नहीं उठता।
