असम सरकार ने राज्य के करीब 3.5 लाख चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टा देने और चाय बागान समुदाय के परिवारों के लिए आवास निर्माण की योजना की घोषणा की है। यह घोषणा असम विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आबकारी, असम समझौते के क्रियान्वयन तथा सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने की।
मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य चाय बागान श्रमिकों को भूमि सुरक्षा प्रदान करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिक पीढ़ियों से बागान क्षेत्रों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास भूमि स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं हैं।
अतुल बोरा ने कहा कि भूमि पट्टा मिलने से समुदाय के लोगों को स्थायी अधिकार प्राप्त होंगे और लंबे समय से चली आ रही भूमि सुरक्षा की समस्या का समाधान होगा। इसके साथ ही सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत चाय बागान परिवारों के लिए पक्के घरों के निर्माण की दिशा में भी काम करेगी।
यह पहल असम सरकार के चाय बागान समुदाय के कल्याण से जुड़े व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। चाय बागान श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था और कार्यबल में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सरकार का उद्देश्य उन्हें बेहतर आवास, मूलभूत सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
