May 2, 2026
Mr. Gurucharan Gollerkeri, Executive Director and Chief Strategy Officer, Gokula Education Foundation (Medical)

शिक्षा को वास्तविक दुनिया की आवश्यकता और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कौशलों से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय पहल करते हुए, गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन (मेडिकल) ने यूनिवर्सिटी एट अल्बानी, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क (प्रमुख सार्वजनिक अनुसंधान विश्वविद्यालय) के साथ साझेदारी की है। गौरतलब है कि गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन रामैया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज़, रामैया मेडिकल कॉलेज और रामैया मेमोरियल हॉस्पिटल का प्रबंधन करता है। यूनिवर्सिटी एट अल्बानी के साथ हुई इस साझेदारी के तहत, बेंगलुरु में एक ‘डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी’ (मानित विश्वविद्यालय)’ – रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट’ (आरआईएसएम) लॉन्च किया गया है। अगली पीढ़ी के स्टेम और प्रबंधन (मैनेजमेंट) संस्थान के रूप में परिकल्पित आरआईएसएम, विश्व-स्तरीय और उद्योग-अनुकूल शिक्षा प्रदान करेगा। इसमें अनुसंधान और वास्तविक दुनिया में अनुप्रयोग पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा, ताकि छात्रों को तेज़ी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के लिए तैयार किया जा सके। विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र अगस्त 2026 में होगा।

गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन (मेडिकल) शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में छह दशक से अधिक की उत्कृष्टता के आधार पर आरआईएसएम के ज़रिये अपने अनुभव का विस्तार कर रहा है। इसके ज़रिए, उच्च शिक्षा को ‘वैश्विक-प्रथम’ और ‘उद्योग-अनुकूल’ दृष्टिकोण के साथ नया रूप दिया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, व्यवसाय और विज्ञान विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रम की पेशकश करेगा। शुरुआती कार्यक्रमों में कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में बी. टेक, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल साइंसेज शामिल हैं; इनके साथ ही बीबीए और एमबीए कार्यक्रम भी उपलब्ध होंगे। इसका शैक्षणिक मॉडल ऐसे सह-निर्मित पाठ्यक्रम पर आधारित है, जिसे उद्योग और शैक्षणिक भागीदारों के सहयोग से विकसित किया गया है। इसमें अंतर्विषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) शिक्षा, उद्योग द्वारा प्रायोजित ‘उत्कृष्टता केंद्र’, और इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट तथा ‘कैपस्टोन असाइनमेंट’ के ज़रिये व्यावहारिक अनुभव को जोड़ा गया है, ताकि छात्रों में वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान की क्षमता का विकास हो सके।

आरआईएसएम में, सभी कार्यक्रमों में एकीकृत, व्यवसाय (बिज़नेस) और प्रबंधन (मैनेजमेंट)-आधारित दृष्टिकोण अपनाकर ‘प्रासंगिकता’ को संस्थान की बुनियाद में शामिल किया गया है। हर पाठ्यक्रम में शुरुआत से ही वास्तविक उद्योग जगत के अनुभव को समाहित किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि शिक्षण प्रक्रिया व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख बनी रहे। छात्र ‘मेंटर प्रोफेसर’ और ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ (उद्योग जगत से जुड़े वरिष्ठ नेतृत्व, जो हर विभाग में औपचारिक शिक्षक के तौर पर शामिल हैं) के साथ भी जुड़ेंगे। यह अपनी तरह का पहला अनूठा मॉडल है। इसके अलावा, ‘अनुप्रयुक्त अनुसंधान’ (ट्रांसलेशनल रिसर्च) विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे का मुख्य आधार है, जो पाठ्यक्रम के डिज़ाइन और उसके ठोस प्रभाव – दोनों को आकार प्रदान करता है। इस एकीकृत दृष्टिकोण के साथ, आरआईएसएम का लक्ष्य है, शिक्षा का ऐसा माहौल तैयार करना जहां उद्योग का संदर्भ, अकादमिक गंभीरता और व्यावहारिक अनुसंधान का सहज मेल हो।

गोकुल एजुकेशन फाउंडेशन (मेडिकल) के कार्यकारी निदेशक और मुख्य रणनीति अधिकारी, श्री गुरुचरण गोलरकेरी ने इस विश्विद्यालय लॉन्च के अवसर पर कहा, “हम तेज़ी से बदलते, आपस में गहराई से जुड़े वैश्विक वातावरण में परिचालन कर रहे हैं, जहां अलग-अलग विषयों, उद्योगों और भौगोलिक क्षेत्रों के बीच की सीमाएं तेज़ी से मिट रही है। छात्रों को इस नई वास्तविकता के लिए तैयार करने के लिए पारंपरिक शिक्षा मॉडल अब पर्याप्त नहीं हैं। आरआईएसएम के साथ, हम ऐसा माहौल बनाकर इस बदलाव से निपटने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके तहत प्रौद्योगिकी, व्यवसाय और व्यावहारिक शिक्षा को इस तरह जोड़ा जा रहा है कि इसमें वास्तविक दुनिया के परिचालन और वहां हो रहे बदलाव परिलक्षित हों। हालांकि रोज़गार बाज़ार में प्रासंगिकता महत्वपूर्ण है, लेकिन हम मुख्य रूप से मूल ज्ञान, आलोचनात्मक सोच और शिक्षा ग्रहण करने के प्रति की तत्परता बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि छात्रों को न केवल आज की रोज़गार हासिल करने के लिए, बल्कि ऐसे अप्रत्याशित भविष्य के लिए भी तैयार किया जा सके, जहां निरंतर सीखने और नई परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता ही सफलता को परिभाषित करेगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *