औद्योगिक सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं की रोकथाम पर चर्चा के लिए दो दिवसीय सीआईआई झारखंड सेफ्टी टॉक 2026 का आयोजन 26 और 27 अक्टूबर को जमशेदपुर के द क्रूज में किया जाएगा।
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की ओर से आयोजित इस छठे सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में 46 वक्ता शामिल होंगे, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय वक्ता भी हैं। इसके अलावा, 36 कंपनियां 50 स्टॉल के माध्यम से सुरक्षा से जुड़े उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी।
सीआईआई के अधिकारियों ने रविवार, 25 अक्टूबर को बेल्डीह क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। झारखंड सरकार के कारखाना निरीक्षक प्रमुख मनीष कुमार सिन्हा सोमवार को उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सुरक्षा विशेषज्ञ और तकनीक से जुड़े पेशेवर कार्यस्थल पर सुरक्षा की चुनौतियों, दुर्घटनाओं की रोकथाम और बेहतर सुरक्षा उपायों पर चर्चा करेंगे। विशेष रूप से विनिर्माण और खनन जैसे जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष और वैदेही मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलू पारिख ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य उद्योगों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय अपनाने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्यमों को भी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी, तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध कराना जरूरी है।
पारिख ने कहा कि सुरक्षा केवल कारखानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। घरों, कार्यालयों, परिवहन और ठेका श्रमिकों के कार्यस्थलों पर भी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीआईआई उद्योगों, विशेषज्ञों, तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर सुरक्षा के बेहतर मानक विकसित करने में मदद कर सकता है।
सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के उपाध्यक्ष और टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष डीबी सुंदर रामम ने कहा कि उद्योगों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि प्रत्येक कर्मचारी और ठेका श्रमिक सुरक्षित तरीके से काम करे और बिना किसी चोट के घर लौटे।
उन्होंने कहा कि उद्योगों को दुर्घटनाओं की संख्या गिनने तक सीमित रहने के बजाय शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। इसके लिए कार्यस्थल पर ऊंचाई में काम करने के दौरान सुरक्षा, मजबूत मचान व्यवस्था और सुरक्षा हार्नेस का सही इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।
सीआईआई झारखंड सेफ्टी पैनल के संयोजक और टाटा स्टील के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नीरज सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2011 में शुरू हुआ यह सम्मेलन समय के साथ बड़ा मंच बन गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और उद्योगों में मौजूद सुरक्षा प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा सम्मेलन आयोजित करना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि यहां मिलने वाली जानकारी और सुझावों को कार्यस्थल पर लागू किया जाए।
तकनीक और कर्मचारियों की सुरक्षा पर चर्चा
सम्मेलन की शुरुआत में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और व्यावसायिक निर्णयों में सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर चर्चा होगी। इसमें सुरक्षा के प्रति प्रबंधन की जवाबदेही और उद्योगों में सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में जोखिम वाले उद्योगों में प्रक्रिया सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा के माध्यम से जोखिम की पहचान, आपस में जुड़े कार्यबल और वाहनों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
सिन्हा ने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल खतरों की समय रहते पहचान करने और दुर्घटनाओं को रोकने में किया जा सकता है। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही सुरक्षा प्रक्रियाओं और उन्हें भारतीय उद्योगों में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
कर्मचारियों की थकान, मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे। विशेषज्ञ इस बात पर विचार करेंगे कि कर्मचारियों की मानसिक स्थिति, काम का दबाव और कार्यस्थल का वातावरण सुरक्षा को किस तरह प्रभावित करते हैं।
सड़क सुरक्षा पर भी विशेष सत्र होगा। इसमें सड़क पर काम करने वाले लोगों और परिवहन गतिविधियों से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, ऊंचाई पर काम करते समय गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, लॉकआउट-टैगआउट (एलओटीओ) प्रक्रिया के माध्यम से मशीनों और उपकरणों की खतरनाक ऊर्जा को नियंत्रित करने तथा औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा होगी।
सिन्हा ने कहा कि सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को कम से कम एक ऐसा व्यावहारिक सुझाव लेकर लौटना चाहिए, जिसे अपने कार्यस्थल पर लागू कर सुरक्षा में सुधार किया जा सके।
छोटे उद्योगों के लिए सुरक्षा ऑडिट
सीआईआई झारखंड सेफ्टी पैनल ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सुरक्षा ऑडिट को भी प्रोत्साहित किया है।
सम्मेलन से जुड़े उद्योग जगत के अन्य प्रमुख प्रतिनिधियों में सीआईआई ईस्टर्न रीजन सेफ्टी सबकमेटी के अध्यक्ष और टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (सेफ्टी, हेल्थ एंड सस्टेनेबिलिटी) राजीव मंगल तथा सीआईआई जमशेदपुर जोनल काउंसिल के उपाध्यक्ष और टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर शामिल हैं।
