सोने की निकट अवधि की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों पर निर्भर करेगी और यदि केंद्रीय बैंक का रुख अधिक आक्रामक रहा तो सोने की कीमत 4,250-4,200 डॉलर के दायरे का परीक्षण कर सकती है। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च के अनुसार, अगस्त के अंत में करीब 4,700 डॉलर के उच्च स्तर से सोना लगभग 10 प्रतिशत फिसलकर इस सप्ताह करीब 4,250 डॉलर तक आ गया है। उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों ने आगे ब्याज दर बढ़ने की संभावनाओं को मजबूत किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में संभावित दर वृद्धि का काफी हिस्सा पहले ही शामिल हो चुका है, इसलिए फेड का अपडेटेड डॉट प्लॉट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेयरमैन का रुख सोने की अगली दिशा के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि डॉट प्लॉट 2027 तक तीन या उससे अधिक अतिरिक्त दर बढ़ोतरी का संकेत देता है, तो सोना 4,200 डॉलर और कमजोर होकर 4,000 डॉलर की ओर बढ़ सकता है, जबकि केवल एक और बढ़ोतरी का संकेत कीमतों को 4,400-4,500 डॉलर की ओर राहत दे सकता है। रिपोर्ट में अमेरिकी ट्रेजरी के लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम और बैंक ऑफ जापान के आगामी नीतिगत फैसले को भी महत्वपूर्ण कारक बताया गया है, क्योंकि इनका असर बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर पड़ सकता है। घरेलू बाजार में अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1,51,750 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि 1,53,250 रुपये पर तत्काल प्रतिरोध और 1,48,470 रुपये पर प्रमुख सपोर्ट है। 1,53,250 रुपये के ऊपर टिकाऊ तेजी से कीमत 1,57,130 और 1,60,345 रुपये तक जा सकती है, जबकि 1,48,470 रुपये के नीचे गिरावट मध्यम अवधि के रुझान को कमजोर कर सकती है। कुल मिलाकर, निर्णायक ब्रेकआउट होने तक सोने में सीमित दायरे में सतर्क कारोबार रहने की संभावना है।
