केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से रविवार को आयोजित मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत सिपाही पद की परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस से फर्जीवाड़ा करते हुए पकड़े गए दो परीक्षार्थियों के पूछताछ पर गिरोह से जुड़े और दो आरोपितों को पकड़ा गया है। इस तरह से गिरोह से जुड़े परीक्षार्थी समेत कुल चार आरोपित पकड़े जा चुके है। पूछताछ में इस गिरोह के सरगना समेत अन्य आरोपितों की तलाश में विशेष टीम कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।
इनके पास से तीन मोबाइल, दो आधार कार्ड, दो प्रवेश पत्र, एक डीएल, दो इलेक्ट्रानिक डिवाइस, एक कापी और एक ईयर बड जब्त किए गए है। कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने इसकी जानकारी दी। प्रारंभिक जांच व पूछताछ में पता चला कि 10 लाख रुपये में सिपाही भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए सेटिंग हुआ था। पटना के साल्वर गैंग से भी इनके तार जुड़े है।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह में एक दर्जन से अधिक शामिल है। इन सभी की गिरफ्तारी को लेकर कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है। बता दें कि रविवार को केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान चैपमैन राजकीय बालिका उच्च विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी को अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरण के माध्यम से कदाचार करते हुए पकड़ा गया था। पूछताछ में उसकी पहचान भोजपुर जिले के छोटकी सहजौली निवासी पंकज कुमार यादव के रूप में हुई थी। पूछताछ के बाद सिकंदरपुर स्थित राधा कृष्ण केडिया बालिका उच्च विद्यालय के केंद्र से और एक परीक्षार्थी को पकड़ा गया था। उसकी पहचान भोजपुर जिले के ही मुफिस्सल थाना क्षेत्र के सुंदरपुर कोठिया के प्रकाश कुमार के रूप में हुई थी।
इन दोनों के पूछताछ के बाद पटना के बिहटा व भोजपुर में छापेमारी कर दो और आरोपित को पकड़ा गया। पूछताछ में इनकी पहचान भोजपुर बाबुरा निवासी वर्तमान पता पटना के बिहटा के संजय कुमार सिंह उर्फ रंजन सिंह और भोजपुर बिहिया के पवन कुमार के रूप में हुई है। संजय व पवन को पटना के बिहटा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि संजय व पवन परीक्षार्थियों से सौदा करते थे। इसके बाद कुछ एडवांस लेकर उनको इलेक्ट्रानिक डिवाइस उपलब्ध कराते थे। जांच में यह भी पता चला कि केंद्र भी मैनेज करने का काम किया जाता था। इसके बाद पटना के साल्वर गैंग के सदस्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस से प्रश्नों के जवाब बताते थे। इस तरह से परीक्षा पास कराने का खेल चलता था।
पुलिस इन सभी से पूछताछ कर यह पता करने की कोशिश कर रही कि और कौन-कौन परीक्षा में ये सभी शामिल रहे है। इसके लिए इन सभी के मोबाइल काल डिटेल को खंगाला जा रहा है। साथ ही बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि संजय परीक्षार्थियों को नवनीत व मनीष के पास ले जाता था। वहीं पवन परीक्षार्थियों को वरुण व राकेश से संपर्क कराता था। इन सभी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई चल रही है।
बताते चले कि परीक्षा के दौरान उक्त परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसकी सघन जांच की गई थी। जांच के क्रम में उसके पास से माइक्रोफोन, इलेक्ट्रानिक संचार उपकरण एवं अन्य तकनीकी सामग्री बरामद की गई।
इसका उपयोग परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा था। बरामद सामग्री को विधिवत जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया गया।
जांच व तकनीकी विश्लेषण एवं पूछताछ के क्रम में तथ्य प्रकाश में आया कि परीक्षार्थी को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए संगठित गिरोह सक्रिय था, जो इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा था। बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि गिरोह के संचालन के तरीके, अन्य संलिप्त व्यक्तियों तथा संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
