यस बैंक ने वित्त वर्ष २०२५-२०२६ की चौथी तिमाही के लिए शानदार वित्तीय परिणामों की घोषणा की है, जिसमें बैंक का शुद्ध लाभ ४५ \प्रतिशत बढ़कर १,०६८ करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। पिछले वर्ष की इसी समान अवधि में यह लाभ ७३६ करोड़ रुपये था। बैंक की इस वृद्धि का मुख्य कारण ब्याज से होने वाली आय में सुधार और फंसे हुए कर्जों के लिए किए जाने वाले प्रावधानों में २२ प्रतिशत की कमी आना है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय भी वार्षिक आधार पर १० प्रतिशत बढ़कर २,३५० करोड़ रुपये हो गई है, जो इसकी मजबूत बैंकिंग गतिविधियों को दर्शाता है।
बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता में भी महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है, जहाँ सकल एनपीए घटकर १.५ प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछले साल २.० प्रतिशत था। इसके अतिरिक्त, बैंक के कुल जमा में २१ प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब ३,०१,५०० करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। बैंक के प्रबंधन ने बताया कि ऋण वितरण में भी १५ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इन सकारात्मक आंकड़ों के साथ यस बैंक ने अपने निवेशकों के लिए प्रति शेयर ०.१० रुपये के लाभांश की भी सिफारिश की है, जो शेयरधारकों के भरोसे को और मजबूत करेगा।
