द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) (IEI), जमशेदपुर लोकल सेंटर पूरे से बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआई में “जलवायु परिवर्तन के शमन में प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, अभियंताओं, उद्योग विशेषज्ञों तथा वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने तथा सतत समाधान विकसित करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर विचार-विमर्श किया। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात श्री विनीत कुमार साह, चीफ – लॉन्ग प्रोडक्ट्स, टाटा स्टील एवं अध्यक्ष, IE(I), जमशेदपुर लोकल सेंटर ने स्वागत संबोधन दिया। श्री अनूप श्रीवास्तव, चीफ एनवायरनमेंट, टाटा स्टील, जमशेदपुर ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों का औपचारिक स्वागत डॉ. सीरम माधुरी, मानद सचिव, IE(I), जमशेदपुर लोकल सेंटर द्वारा किया गया।
अपने स्वागत संबोधन में श्री विनीत कुमार साह ने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने नेपाल में हाल की चरम प्राकृतिक घटनाओं सहित विभिन्न पर्यावरणीय घटनाओं का उल्लेख करते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने और उपयुक्त तकनीकी उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करने तथा तकनीकी नवाचारों को व्यावहारिक समाधान में परिवर्तित करने का यह उपयुक्त समय है।
मुख्य अतिथि श्री अनूप श्रीवास्तव ने वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करने तथा ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पर्यावरण प्रबंधन, संसाधन अनुकूलन और जलवायु कार्रवाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑगमेंटेड AI तथा ChatGPT जैसी तकनीकों की संभावनाओं पर प्रकाश
डाला। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन गंभीर चुनौतियां उत्पन्न करने के साथ-साथ नवाचार और सतत विकास के लिए नए अवसर भी प्रदान कर रहा है।
श्री श्रीवास्तव ने सर्कुलर इकोनॉमी (परिपत्र अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देने तथा अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसाधनों का कुशल उपयोग तथा जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन पर्यावरणीय स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
