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सिक्किम के पाक्योंग जिले में स्थित याक्तेन गांव भारत के पहले डिजिटल नोमैड विलेज के रूप में तेजी से पहचान बना रहा है। पहले जहां पर्यटक यहां प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ ऑर्किड देखने के लिए आते थे, वहीं अब सॉफ्टवेयर इंजीनियर, स्टार्टअप संस्थापक, वन्यजीव विशेषज्ञ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पेशेवर यहां कई सप्ताह या महीनों तक रहकर काम कर रहे हैं। हाई-स्पीड इंटरनेट और शांत पहाड़ी वातावरण के कारण यह गांव उन लोगों के लिए आकर्षक बन गया है, जो शहरों की भागदौड़ से दूर रहकर अपना काम जारी रखना चाहते हैं। खास बात यह है कि यहां आने वाले पेशेवर स्थानीय कारोबारियों को डिजिटल सेवाओं, उत्पादों की पैकेजिंग और पानी जैसी समस्याओं के समाधान में भी मदद कर रहे हैं।
जुलाई 2025 में शुरू की गई ‘नोमैड सिक्किम’ पहल का उद्देश्य रिमोट वर्क को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मजबूत करना है। पाक्योंग जिला प्रशासन और गैर-लाभकारी संस्था सर्वहिताय की साझेदारी से विकसित इस पहल के तहत स्थानीय परिवार होमस्टे के माध्यम से आगंतुकों को रहने और स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने का अवसर देते हैं। इससे पर्यटन के व्यस्त मौसम के अलावा भी परिवारों की आय बढ़ाने और युवाओं के लिए गांव में रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद है। यह मॉडल अब सिक्किम के अन्य गांवों तक भी विस्तार कर रहा है, जहां डिजिटल सुविधाओं, टिकाऊ पर्यटन और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।
