भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज अंबाबाग में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की सूचना पर पुलिस की टीम छापेमारी करने के लिए गई थी। इस दौरान मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में एसएसपी ने कार्रवाई की है। मामले की जांच और वायरल वीडियो की समीक्षा के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्या कुमारी और चालक सिपाही अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, भागलपुर निर्धारित किया गया है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे। मामले से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एसएसपी ने विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले की आगे की विभागीय प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज अंबाबाग में शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस को नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम इलाके में छापेमारी करने पहुंची।
छापेमारी के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय महिलाओं और परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी नशीले पदार्थों की बरामदगी के नाम पर उनके घरों में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। कुछ महिलाओं ने अपने साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया था।
घटना के बाद घायल लोगों और महिलाओं का समूह देर रात सदर अस्पताल पहुंचा, जहां उन्होंने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस का पक्ष अलग रहा। डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार ने कहा था कि पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा था कि छापेमारी के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस का विरोध किया था और महिलाओं के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार किया था।
घटना के बाद वायरल वीडियो, स्थानीय लोगों की शिकायत और उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद एसएसपी ने मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष और चालक सिपाही को निलंबित कर दिया।
