झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में आगामी ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने चिंता जताई कि भाजपा इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकती है। जेएमएम नेताओं ने संकल्प लिया कि वे किसी भी नागरिक को लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं होने देंगे और ‘SIR’ की आड़ में रची जाने वाली किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि १०० दिनों के भीतर पूरी होने वाली इस कवायद के दौरान जनता के हितों की रक्षा करना पार्टी की प्राथमिकता होगी।
संगठनात्मक स्तर पर जेएमएम ने अब अधिक आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे बूथ, पंचायत, वार्ड और ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत करें ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी प्रभावी बनी रहे। इसके साथ ही, आगामी जनगणना को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिसे आदिवासी समुदायों और पिछड़ों के सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। जेएमएम जल्द ही एक विशेष अभियान शुरू करेगा जिसमें कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची और जनगणना जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जनता को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। हेमंत सोरेन ने जोर दिया कि सरकार चलाने के साथ-साथ संगठन को सशक्त बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
