शहर के प्रतिष्ठित डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टुपुर प्रबंधन द्वारा अभिभावकों के लिए जारी एक नए निर्देश ने कर्मचारियों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। स्कूल की ओर से सभी छात्रों के अभिभावकों को 15 मई तक तिमाही फीस जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। निर्धारित समय सीमा तक फीस जमा नहीं करने पर प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाए जाने की बात कही गई है।
इस निर्णय से टाटा स्टील के न्यू सीरीज (NS) ग्रेड के कर्मचारी खासे परेशान हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी समस्या लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी के पास पहुंचे और मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
अभिभावकों का कहना है कि यूकेजी से लेकर उच्च कक्षाओं तक वार्षिक शुल्क 51 हजार से 70 हजार रुपये के बीच है, जिसमें ट्यूशन फीस सहित अन्य शुल्क शामिल हैं। यदि किसी कर्मचारी के दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, तो उन्हें तिमाही फीस के रूप में करीब 60 हजार रुपये एक साथ जमा करने पड़ेंगे। ऐसे में आर्थिक दबाव बढ़ गया है, खासकर तब जब कंपनी में अभी तक ग्रेड रिवीजन समझौता लंबित है।
कर्मचारियों की ओर से यह मुद्दा यूनियन के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप में भी उठाया गया है, जहां कमेटी मेंबरों ने अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की है।
फीस वृद्धि पर भी उठे सवाल
कमेटी मेंबरों ने फीस बढ़ोतरी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद भी स्कूल द्वारा फीस में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अभिभावकों का आरोप है कि फीस बढ़ाने के लिए स्पष्ट मानक और पारदर्शिता नहीं अपनाई गई है।
