कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय यानी एमएसडीई ने देश में कौशल, पैमाने और परिवर्तन के सफल बारह वर्ष पूरे कर लिए हैं। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के कुशल नेतृत्व में मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर को पार किया है। इस विशेष अवसर पर दुनिया के सबसे बड़े कौशल पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक के विकास और वर्ष दो हजार सैंतालीस तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में देश की यात्रा में इसके महत्वपूर्ण योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। वर्तमान में स्किल इंडिया अभियान देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दुनिया के सबसे बड़े और सबसे विविध कौशल प्रशिक्षण नेटवर्कों में से एक के रूप में विकसित हो चुका है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपने विचार साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पिछले बारह वर्षों की यह यात्रा भारत की इस बढ़ती पहचान को दर्शाती है कि कौशल ही अवसर, उत्पादकता और आर्थिक परिवर्तन के सबसे शक्तिशाली माध्यमों में से एक है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मंत्रालय ने निरंतर प्रयास करके एक ऐसा सुदृढ़ इकोसिस्टम तैयार किया है जहाँ कौशल को केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं माना जाता, बल्कि इसे औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ सीखने, रोजगार क्षमता बढ़ाने और जीवन भर की निरंतर प्रगति के एक अभिन्न हिस्से के रूप में देखा जाता है। मंत्रालय की यह दूरदर्शी सोच आने वाले समय में देश के करोड़ों युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और भारत की आर्थिक उन्नति को नई रफ्तार देने में एक बेहद मुख्य आधार साबित होगी।
