October 16, 2026
naxal-2-1760805704480_v-1775845631418

देश में केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर किए जा रहे आंदोलनों और खासकर ‘जेन जी’ यानी युवाओं में व्याप्त असंतोष का इस्तेमाल माओवादी संगठन अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करने की तैयारी में हैं? यह सवाल सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे माओवादी संगठन के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच कथित गोपनीय पत्र से उठने लगा है। पत्र में किए गए कथित उल्लेखों से इस मामले ने महत्वपूर्ण और गंभीर रूप ले लिया है। महाराष्ट्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ऐसा पत्र प्राप्त होने कि पुष्टि की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, माओवादियों के इंटरनेशनल सेल में सक्रिय ‘कॉमरेड धीरज’ ने वरिष्ठ माओवादी पदाधिकारी ‘कॉमरेड अजीत उर्फ के. मुरलीधरन’ को यह पत्र भेजा है। बताया जा रहा है कि पत्र में ‘वाईवाई’ के सांकेतिक नाम से उल्लिखित व्यक्ति द्वारा सरकार विरोधी आंदोलनों के लिए विशेष रणनीति तैयार किए जाने का दावा किया गया है।

‘जेन जी’ के इस्तेमाल की रणनीति

कथित पत्र के अनुसार आगामी जनआंदोलनों और राजनीतिक संघर्षों को तेज करने के लिए ‘जेन जी’ नेटवर्क का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ पैदा हुए असंतोष को और व्यापक बनाने के लिए युवाओं को आंदोलनों के केंद्र में लाने की बात कही गई है।

इसके अलावा, युवाओं की भागीदारी के जरिए जमीनी स्तर पर सरकार विरोधी अभियान चलाने, जनआंदोलनों का विस्तार करने और सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने जैसे बिंदुओं का भी कथित कार्ययोजना में उल्लेख होने की जानकारी है। आंदोलन के दौरान हिंसा या अन्य अप्रिय घटनाएं होने पर इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की रणनीति बनाए जाने का दावा भी किया जा रहा है।

कथित पत्र में महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित सात राज्यों में सक्रिय भूमिगत शहरी माओवादी सहयोगियों को फिर से एकजुट करने की योजना का भी उल्लेख बताया जा रहा है।

इन उल्लेखों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि एक निश्चित समय-सारणी के तहत सरकार विरोधी जनआंदोलनों को अधिक व्यापक और आक्रामक स्वरूप देने का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि, पत्र में किए गए कथित दावों की स्वतंत्र पुष्टि के संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

इस मामले में सबसे अधिक चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चलाए गए ‘भारत जोड़ो अभियान’ से संबंधित कथित उल्लेख को लेकर है। जानकारी के अनुसार, पत्र में ‘वाईवाई’ के सांकेतिक नाम से उल्लिखित व्यक्ति की रणनीति के तहत ‘जेन जी’ और सरकार विरोधी रुख रखने वाले युवाओं के आंदोलनों को इस अभियान से जोड़ने की योजना का दावा किया गया है।

कथित पत्र के अनुसार, इसके माध्यम से विभिन्न आंदोलनों को एक साझा मंच पर लाकर सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा सकता है। कुछ राजनीतिक दलों के ऐसे संयुक्त प्रयासों में शामिल होने की सहमति संबंधी उल्लेख होने का दावा भी किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *