दुर्गापूजा को लेकर पटना के सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सप्तमी के अवसर पर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बंगाली अखाड़ा, पटना कालीबाड़ी और गर्दनीबाग समेत विभिन्न पूजा पंडालों में बांग्ला विधि से पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि, शांति और ऐश्वर्य की कामना कर रहे हैं।
बंगाली अखाड़ा और कालीबाड़ी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बांग्ला विधि से पूजा होने वाले पंडालों में मां के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्त पहुंच रहे हैं। शुक्रवार सुबह 9.41 बजे मां कात्यायनी की पूजा की गई थी।
बंगाली अखाड़ा, गर्दनीबाग, पटना कालीबाड़ी और सीडीएम बिल्डिंग के नजदीक न्यू रेलवे कॉलोनी समेत कई स्थानों पर बोधन की रस्म हुई। लौंग और धूप से पूजा के बाद ढाक की थाप और धुनुची नृत्य के बीच मां की आरती की गई। शाम को भी आरंभण और अधिवास की पूजा हुई। सप्तमी पर नवपत्रिका प्रवेश और प्राण प्रतिष्ठा
बंगाली अखाड़ा के सचिव के अनुसार, सप्तमी के अवसर पर नवपत्रिका प्रवेश और पूजा का विशेष महत्व है। इसी क्रम में मां दुर्गा की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान किया जाता है।
नवपत्रिका प्रवेश की रस्म में केले के पौधे को गंगा स्नान कराया जाता है। स्नान के बाद उसे लाल पार वाली साड़ी पहनाई जाती है। बंगाली परंपरा में इसे ‘कलाबोउ’ कहा जाता है और भगवान गणेश के साथ स्थापित किया जाता है।
